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27 अक्तूबर, 2020|3:32|IST

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विश्वकर्मा पूजा की प्रमुख खबर

शहर समेत पूरे जिले में विश्वकर्मा पूजा की तैयारी श्रद्धालु कर रहे हैं। इस अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की मिट्टी की मूर्ति व तस्वीर रखकर पूजा-अर्चना पारंपरिक रूप से की जाएगी। इधर, विश्वकर्मा पूजा को लेकर कल-कारखाने में रविवार की बंदी के बावजूद साफ-सफाई होती रही। दूसरी तरफ मूर्तिकार प्रतिमा में रंग भरने में जुटे रहे। शहर के मेहिया कुम्हार टोली, दक्खिन टोला, श्रीनगर, मखदुम सराय में महिला-पुरुष मूर्तिकार जल्दी-ज्ल्दी कार्य निपटाने में लगे थे, ताकि समय से प्रतिमा को आयोजन समितियों के हवाले किया जा सके। बाजार भी गुलजार रहा। पूजन सामग्री व मिठाई की दुकानों पर लोग खरीदारी के लिए पहुंचते रहे। इधर, भगवान विश्वकर्मा की मिट्टी की बड़ी मूर्ति चार से पांच सौ रुपये में बिक रही थी, जबकि छोटी मूर्तियां 70 से 75 रुपये में। बंदी के बावजूद रंग-बिरंगे कागज, झालर, आर्टिफिशियल फूल की बिक्री हो रही थी। प्रतिमा स्थापित करने को लेकर पूजा समिति के सदस्य अपनी-अपनी तैयारी में जुटे रहे। विश्वकर्मा पूजा झूनापुर-बिन्दुसार बुजुर्ग की सीमा पर स्थित विश्वकर्मा मंदिर में पारंपरिक रूप से की जाएगी। बहरहाल, पूजा के दौरान भगवान विश्वकर्मा को रोरी, सिंदूर, हल्दी, कुमकुम का टीका लगाकर नए वस्त्र अर्पित किए जाएंगे। साथ ही केला, खीरा, सेव, अनार, अमरुद, हलुआ, लड्डू व बुनिया का प्रसाद चढ़ाया जाएगा। पूजा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम व महाप्रसाद का आयोजन पूजा समितियो की तरफ से किया गया है।