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सीवान में जन्मा खिलाड़ी टोक्यो ओलंपिक खेलों में दिखा रहा है जलवा

हिन्दुस्तान टीम,सीवानPublished By: Newswrap
Mon, 02 Aug 2021 07:00 PM
सीवान में जन्मा खिलाड़ी टोक्यो ओलंपिक खेलों में दिखा रहा है जलवा

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हॉकी खिलाड़ी

रघुनाथपुर के कन्हौली गांव में 25 जनवरी सन 2000 में हुआ था विवेक सागर का जन्म

मध्यप्रदेश के इटारसी के हुसैनाबाद में रहता है परिवार

मध्यप्रदेश की ओर से ही खेलते हैं विवेक सागर प्रसाद

फोटो- 9. रघुनाथपुर के कन्हौली में विवेक का घर के बाहर खड़े परिजन।

फोटो- 10. विवेक सागर प्रसाद (भारतीय हॉकी खिलाड़ी)

हसनपुरा। एक संवाददाता(फिरोज हैदर)

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के 49 साल बाद टोक्यो ओलंपिक खेलों में सेमीफाइनल मैच खेलने को लेकर सभी उत्साहित हैं। लेकिन बहुत ही कम लोगों को पता होगा कि इस टीम में सीवान जिले का भी एक खिलाड़ी शामिल है। जी हां, मिड फिल्डर विवेक सागर जिले के रघुनाथपुर प्रखंड के कन्हौली निवासी रोहित प्रसाद के पुत्र हैं। हालांकि विवेक सागर का परिवार मध्यप्रदेश के इटारसी के हुसैनाबाद में रहता है और वह उसी राज्य की ओर से खेलते भी हैं। इधर मिली जानकारी के अनुसार भले ही विवेक दूसरे राज्य से खेलते हैं लेकिन अपने पैतृक गांव से उनका गहरा नाता है। गांव के पड़ोसी धनंजय बताते हैं कि करीब सात-आठ साल पहले विवेक अपने पैतृक गांव आए थे। उस समय उनपर खेल का दबाव ज्यादा नहीं था लेकिन जब से अंडर 19 में सलेक्शन हुआ वे गांव नहीं आ सके हैं। समयाभाव में भले ही विवेक का गांव आना जाना कम हो गया है लेकिन उनके माता-पिता का जुड़ाव आज भी गांव से उतना ही है, जितना की पहले था। परिवार में होने वाले सभी छोटे-बड़े आयोजनों में उनका आना-जाना होता है।

भाई के पास पहली बार मध्य प्रदेश गए थे रोहित प्रसाद

मिली जानकारी के अनुसार विवेक के पिता रोहित प्रसाद पहली बार अपने भाई के पास मध्यप्रदेश गए थे। उनके बड़े भाई श्रीराम प्रसाद मध्य प्रदेश में ही नौकरी करते थे। बाद में रोहित ने भी मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षक की नौकरी ले ली। समय बीतने के साथ रोहित का परिवार भी मध्य प्रदेश में रहने लगा। बच्चों की पढ़ाई को लेकर सभी का स्कूलों में दाखिला करा दिया गया।

पारिवारिक पृष्ठभूमि खेल से नहीं है जुड़ी

बताया जाता है कि विवेक सागर की पारिवारिक पृष्ठभूमि खेल से जुड़ी नहीं है। स्कूली खेलों व अपने मेहनत की बदौलत विवेक ने यह मुकाम हासिल किया है। शिक्षक पिता को कभी खेल के प्रति इतनी रुची नहीं थी कि अपने बच्चों को खेल अकादमी में भेजे। तमाम सारी बाधाओं के बावजूद भी विवेक ने हिम्मत नहीं हारी और स्कूली गेम में एक के बाद एक बेहतर प्रदर्शन करते गए।

25 फरवरी 2000 में हुआ था जन्म

ग्रामीण बताते हैं कि रोहित प्रसाद की कुल चार संतान है। जिनमें विवेक सागर सबसे छोटा है। 25 फरवरी सन 2000 में विवेक सागर ने रघुनाथपुर के कन्हौली गांव में ही जन्म लिया था। हालांकि जन्म के कुछ वर्ष बाद उनका परिवार मध्य प्रदेश में शिफ्ट हो गया। यहीं कारण है कि विवेक की प्रारंभिक पढ़ाई व खेलों के लिए बेहतर परिवेश मध्यप्रदेश में ही मिला है।

तीन अगस्त को होगा सेमीफाइनल मुकाबला

टोक्यो ओलंपिक खेलों में भारत के ओर से विभिन्न खेल स्पर्धाओं में कुल 88 खिलाड़ियों का चयन किया गया है। उनमें से एक विवेक सागर भी हैं। क्वार्टर फाइनल में ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से शिकस्त देने के बाद पुरुष हॉकी टीम सेमी फाइनल में जगह बना ली है। भारत का सेमीफाइनल में मुकाबला विश्व चैंपियन बेल्जियम होगा।

बधाइयों का लगा तांता

हॉकी टीम के काफी समय बाद सेमीफाइनल मैच तक पहुंचने के बाद लोगों में काफी उत्साह है। इधर जिले के खिलाड़ी विवेक सागर को भी बधाइयां देने वालों का तांता लगा है। बधाई देने वालों में अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सृष्टि सिंह, पूर्व जिला पार्षद विनोद दूबे, टुनटुन सिंह, भरत शर्मा, रामजी भगत, कन्हैया भगत, विक्रमा शर्मा, अर्जुन शर्मा, शिवजी भगत, शिक्षक मुन्ना यादव, रितेश यादव व अन्य हैं।

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