
शबे बरात आज, जिले में तैयारी पूरी
हसनपुरा में 3 फरवरी को शाबान माह की 14 तारीख को शब-ए-बरात का त्योहार मनाया जाएगा। मस्जिदों और कब्रिस्तानों की सजावट की गई है। लोग अपने पूर्वजों की मगफिरत के लिए दुआएँ करेंगे और नमाज अदा करेंगे। इस रात को इबादत में गुजारने की परंपरा है।
हसनपुरा, एक संवाददाता। मुस्लिम कैलेण्डर के मुताबिक शाबान माह की 14 तारीख यानी 15 शाबान की शब (03 फरवरी यानी मंगलवार) को शब-ए-बरात का त्योहार मनाया जायेगा। इसको ले इबादत, तिलावत के इस त्योहार के लिए मस्जिदों और कब्रिस्तानों को खास सजावट की गई है। प्रखंड व नगर पंचायत के इलाकों में आज रात को मनाए जाने वाले शब-ए-बरात के त्योहार पर कब्रिस्तानों में भीड़ का आलम रहेगा। वहीं पिछले साल किए गए कर्मों का लेखा-जोखा तैयार करने और आने वाले साल की तकदीर तय करने वाली इस रात को शब-ए-बरात कहा जाता है। इस रात को पूरी तरह इबादत में गुजारने की परंपरा होती है।
नमाज, तिलावत-ए-कुरआन, कब्रिस्तान की जियारत और हैसियत के मुताबिक खैरात करना इस रात के अहम काम है। प्रखंड के सभी इलाकों में उसरी खुर्द, उसरी बुजुर्ग, हसनपुरा, शेखपुरा, निजामपुर, सरैयां, खाजेपुर, सेमरी, अरंडा, जलालपुर, रजनपुरा, गायघाट, लालनचक, करमासी, लहेजी, हरपुरकोटवा, पियाउर, विश्वंभरपुर आदि गांव में इस त्योहार पर तरह-तरह के हलवे बनाकर फातेहा के साथ मनाए जाने की तैयारी में है। शब-ए- बरात के मौके पर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में शानदार सजावट की जा चुकी है। वहीं जलसे का प्रोग्राम भी किया जा रहा है। इस रात में मुस्लिम इलाकों में शब-ए-बरात की भरपूर रौनक होती है। वहीं लोग अपने पूर्वजों को जो दुनिया से रूखसत हो चुके हैं, की मगफिरत के लिए दुआएँ करने के लिए कब्रिस्तान जाजाएंगे और उनकी कब्रों पर चिराग़ रौशन करते हुए फातेहा पढ़ेंगे। यह रात पूरी इबादतों की होती है। मौलाना काशिफ रजा साहब का कहना है कि शब-ए-बारात की रात को लोग मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं और जीवन में किए गए गुनाहों की माफी मांगते हैं। शब-ए-बारात की रात को तकदीर बदलने वाली रात के नाम से भी जाना जाता है।

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