मनरेगा के तहत ई-केवाईसी में सीवान जिला सूबे में अग्रणी तीन जिले में शामिल

Dec 19, 2025 02:37 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीवान
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सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता।मिली। इन उपलब्धियों से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, वहीं, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के माध्यम से स्वच्छता पर जोर देना...

मनरेगा के तहत ई-केवाईसी में सीवान जिला सूबे में अग्रणी तीन जिले में शामिल

सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। वर्ष 2025 में सीवान जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, यानि की डीआरडीए ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इनमें मनरेगा के तहत जीविका भवनों के निर्माण, पौधरोपण, पीएम आवास योजना, स्कूलों में खेल मैदान समेत कई योजनाएं शामिल हैं। इससे ग्रामीण विकास को गति मिली है, साथ ही स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिला है। मनरेगा व जीविका सशक्तिकरण के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में जीविका भवन बनाए गए, इससे जीविका दीदियों को मजबूती मिली। इन उपलब्धियों से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, वहीं, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के माध्यम से स्वच्छता पर जोर देना प्रमुख उपलब्धियां शामिल हैं, जो ग्रामीण विकास के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार कर रहे हैं।

विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 जिला ग्रामीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष रहा है। इसमें रोजगार, महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे व डिजिटल पहुंच पर ध्यान केन्द्रित किया गया, जिससे जिले के ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। बहरहाल, राज्य में मनरेगा के तहत ई-केवाईसी में सीवान जिला सूबे में अग्रणी तीन जिले में शामिल हो गया है। 15 दिसंबर तक मनरेगा के तहत सक्रिय मजदूरों की ई-केवाईसी में राज्य में कैमूर-रोहतास के बाद 70 प्रतिशत के करीब उपलब्धि हासलि करते हुए सीवान जिला ने तीसरा स्थान हासिल कर लिया है। सीवान जिला में मनरेगा योजना के तहत 163 में 145 खेल मैदान बनाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जल जीवन हरियाली के तहत मनरेगा से लक्ष्य के अनुरुप 90 प्रतिशत से अधिक पौधे लगा दिए गए हैं। जिले में पीएम आवास से 9999 आवास पूर्ण, तीन प्रखंड अव्वल जिले में वित्तीय वर्ष 2024 व 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण प्राप्त लक्ष्य 23107 में 23055 लाभुकों को आवास बनाने की स्वीकृति दी जा चुकी है। विभाग के अनुसार, स्वीकृति के बाद 22352 लाभुकों के खाते में प्रथम किस्त की राशि व 19100 लाभुकों के खाते में द्वितीय किस्त जबकि तृतीय किस्त की राशि 11378 लाभुकों के खाते में भेजी जा चुकी है। बताया जा रहा कि इनमें 9999 लाभुकों का आवास प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण मद की राशि से पूर्ण करा दिया गया है। इसमें जीरादेई, नौतन व रघुनाथपुर प्रखंड में लाभुकों का आवास बनवाने में बेहतर प्रदर्शन है, वहीं, लकड़ी नबीगंज, दरौंदा, बसंतपुर, दरौली व हसनपुरा का प्रदर्शन निराशाजनक है। जल जीवन हरियाली मिशन से किए गए 286600 पौधरोपण जलवायु परिवर्तन व उसके बढ़ते दुष्परिणाम को प्रकृति के लिए चेतावनी माना गया है। इसी कड़ी में जल जीवन हरियाली मिशन के तहत पौधरोपण के लिए मिले 679200 लक्ष्य के अनुरुप 286600 पौधरोपण कर लिया गया है। जिले में जल जीवन हरियाली के मिशन के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में सार्वजनिक तालाब, पोखरा, अहार व पाईनों के जीर्णोद्वार के लिए विभाग को 104 लक्ष्य मिला था। इसमें 62 पर कार्य पूरा कर लिया गया है। विभाग के अनुसार, सार्वजनिक कुंओं का जीर्णोद्वार करने के क्रम में मिले 56 लक्ष्य में 22 कुओं के जीर्णोद्वार का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसी प्रकार से सार्वजनिक कुंआ व चापाकल के किनारे 1056 सोख्ता बनवाने का लक्ष्य मिला था। इसके एवज में 328 सोख्ता बनवाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जल जीवन हरियाली मिशन के तहत 163 नए जल स्त्रोंतों का सृजन करना था, जहां लक्ष्य से अधिक 427 कार्य है। वर्ष 2025 में बने अबतक 16 हजार 944 शौचालय लोगों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने, स्वच्छता को बढ़ावा देने व लोगों के व्यवहार में स्थायी बदलाव लाने के लिए ताकि सम्मान, सुरक्षा व स्वच्छ जीवन जी सकें इसके लिए हर घर में शौचालय बनाए जा रहे हैं। जिले में लोहिया स्वचछ बिहार अभियान के तहत वर्ष 2025 में 16 हजार से अधिक लोगों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। अभियान के तहत वर्ष 2024-25 में सीवान जिले को 30 हजार 81 शौचालय बनाने का लक्ष्य मिला था। इसके तहत अबतक 16 हजार 944 शौचालय बनाए जा चुके हैं, वहीं 2222 पर कार्य चल रहा है। इसके अलावा, वैसी बस्तियां जहां घरों में शौचालय बनाना संभव नहीं है, वहां स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय की वह सुविधा है जो व्यक्तिगत घरेलू शौचालय के लिए जगह नहीं होने पर या पानी की कमी होने पर बनाई जा रही है। सामुदायिक स्वच्छता परिसर से खुले में शौच को खत्म करने व स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिल रही है। इसके तहत सामुदायिक स्वच्छता परिसर में 26 हजार सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाना था, इसमें 11 बनकर पूरा हो चुका है, 15 पर कार्य चल रहा है। डीआरडीए के अनुसार, इस माह तक कार्य पूरा कर लिया जायेगा। क्या कहते डीडीसी डीडीसी मुकेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 में सीवान डीआरडीए की गतिविधियां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, बुनियादी ढांचे, स्वच्छता व महिला सशक्तिकरण पर केन्द्रित रहीं। योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ ही उनके क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इसका परिणाम भी हमारे लिए कई मायने में सुखद रहा है। नए वर्ष में नए लक्ष्य व नए संकल्प के साथ विकास योजनाओं को आगे बढ़ाना प्राथमिकता होगी।

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