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28 अक्तूबर, 2020|10:39|IST

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दरौली में फिर उफनाई सरयू व झरही नदी

पिछले दो दिन में भारी बारिश के चलते सरयू नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है। साथ हीं झरही नदी व घोड़ी नाले सहित छोटे-बड़े नदी नाले भी ओवरफ्लो हो गए हैं। जिससे तटवर्तीय क्षेत्र में रहनेवाले लोग चिंतित हो गए हैं। सरयू नदी का जलस्तर दरौली में खतरे के निशान 60 मीटर 82 सेंटीमीटर से 45 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। केंद्रीय जल सूचना आयोग दरौली के कर्मी केपीएन सिंह ने बताया कि सितम्बर माह के अंतिम सप्ताह में अबतक के रिकार्ड के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर कभी इतना नहीं पहुंचा है। साथ हीं दो दिन के अंदर दो सौ मिलीमीटर बारिश भी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि नदी के जलस्तर में तीन दिन में भारी बढ़ोतरी हुई है। इधर भारी बारिश के चलते दरौली के सरना व शिवपुर के बीच झरही नदी पर बने पुल के ऊपर से दो फीट पानी बह रहा है। यही नहीं इस पुल में रेलिंग भी नहीं है। जिससे मजबूरी में राहगीर जान को जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। कोई पैदल तो कोई साइकिल कंधे पर उठाकर तो कोई बाइक को संभालते हुए रास्ता पार कर रहे थे। वहीं ऐसे हालातों के बीच ग्रामीणों में भी प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी दिखाई दी। उधर सरना पंचायत के बीडीसी नवीन सिंह ने पुल में रेलिंग के लिए खम्भे में रस्सी बांधा।

झरही नदी के पानी से कई गांव डूबे

प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांव झरही नदी के पानी में डूब गये हैं। तीन दिन की मूसलाधार बारिश के बाद झरही और स्याही नदी का पानी बांध तोड़कर गांव में पहुंच गया है। धमौर, गोपालचक, सेमरा, धरहरा, मोतीछापर समेत कई गांवों में नदी का पानी घुस गया है। मैरवा-सलेमपुर मार्ग पर कैथवली गांव तक में सड़क पर एक फीट पानी लगा हुआ है। जिससे बाइक सवार व छोटे वाहन चालक सड़क पर जाने से कतरा रहे हैं। बाढ़ के पानी से दस हजार से अधिक लोग प्रभावित हो गये हैं। इस साल ग्रामीण क्षेत्र के साथ नगर के चार मोहल्ले भी जलमग्न हो गये हैं। नगर पंचायत के पुरानी बाजार, थाना रोड, नई बस्ती व मोतीछापर मोहल्ले में पानी जमा हुआ है। दो दिन बाद भी पानी का जलस्तर कम नहीं हुआ है। थाना परिसर, रेफरल अस्पताल, प्रखंड कार्यालय व नपं कार्यालय के परिसर में एक फीट तक जलजमाव है। प्रखंड कार्यालय के आरटीपीएस कांउटर पर लोग घुटने तक पानी के बीच खड़े होकर आवदेन जमा कर रहे हैं। शुक्रवार को मुख्य नाले से पानी के निकासी के लिए सैकड़ो लोगों सड़क जाम किया था। नाराज ग्रामीणों ने अपनी देखरेख में नाले की सफाई भी करायी। धुसा गांव में चार फीट तक पानी लग गया है। गांव के लोग ऊंचे स्थान व नहर के बांध पर शरण ले रहे है। गांव में पालतू पशु को रखने के लिए लोगों को परेशानी हो रही है। सैकड़ों लोग मकान की छत पर रहने को विवश हैं। दो दिन से ग्रामीण खाने की सामग्री के लिए लोगों से मदद मांग रहे हैं। प्रशासन के इसको लेकर गंभीर नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

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  • Web Title:Saryu and Jhurhi river again buried in Darauli