Siwan News हरदिया शिवालय का फैला है दूर दूर तक ख्याति, सावन में उमड़ रही है जन सैलाब
Siwan News हरदिया शिवालय की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैल रही है। सावन में पूजा अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है। यह मंदिर 400 वर्ष पुराना है और बेतिया राज द्वारा 1684 में निर्मित किया गया। भक्तों की मान्यता है कि यहां की मन्नतें जल्दी पूरी होती हैं।

Siwan News हरदिया शिवालय का फैला है दूर दूर तक ख्याति सावन में पूजा अर्चना के लिए हरदिया शिव मंदिर में उमड़ रही है भीड़ चार सौ वर्ष पहले बेतिया राज ने निर्माण कराया था मंदिर को शिव मंदिर में शिव लिंग कर हमेशा टपकता रहता है जल फोटो__ हरदिया शिवालय बड़हरिया। प्रखंड़ मुख्यालय से करबाला बाजार से उतरी और पश्चिमी छोर पर स्थित हरदिया शिवालय मंदिर है जहां सावन महीना में भक्तों की भीड़ का एक अलग नजारा दिखता है। क्षेत्र के एक आकर्षक के केंद्र बनने के साथ साथ इस मंदिर की ख्याति काफी दूर दूर तक फैला हुआ है। जून के महीने में शिवलिंग पर मंदिर के ऊपर से अपने आप जल टपकता रहता है। जो सबको चकित कर देता है। इसके अलावा इस मंदिर में राम जानकी के अलावा कई देवी देवताओं का मूर्ति भी एक आकर्षक और कीमती पत्थर से बने है। ग्रामीणों का कहना है कि सावन, शिवरात्रि और नवरात्र में जो मन्नत मांगी जाती है वह पूरा भी होता है। हथुआ के राजघराने भी इस मंदिर में पूजा अर्चना कर चुके हैं। इसके अलावा यह जिला का आकर्षक केंद्र भी बना हुआ है। सावन के महीना में पूजा अर्चना करने के लिए काफी दूर दूर सहित अन्य जिलों से पूजा अर्चना करने के लिए लोग आते हैं।। ज्योति, सलोनी, अंशिका, सोनाली, खुशी, आरती सहित अन्य का कहना है कई मन्नतें पूरी भी हो चुकी है।
बेतिया राजघराने ने 1684 ई में कराया था निर्माण
प्राप्त जानकारी के अनुसार 1684 ई में इस मंदिर का निर्माण बेतिया राज घराने के द्वारा किया गया था। उस समय से आज तक पूजा अर्चना के लिए भीड़ उमड़ती रहती है। सच्चे मन से जो कामना की जाती है उसकी मनोकामनाएं भी पूरी होती है। बड़हरिया सहित सीमावर्ती क्षेत्र के अलावा गोपलागंज, छपरा, यूपी सहित अन्य जिलों से भक्तों की भीड़ पूजा अर्चना के लिए उमड़ती है। मंदिर की बनावट भी एक अनोखा है। लगभग 400 वर्ष पुराना दुर्गा मंदिर है। जो आस्था का केंद्र बना हुआ है। मुगल काल मे निर्मित उतर बिहार का स्टेट बेतिया द्वारा इसका निर्माण 1684 ई में में तुलसी जी महाराज के जन्म के समय बनकर तैयार हुआ था। जो जिला का एक इतिहासिक मंदिर के रूप में स्थापित है। प्राप्त जनाकरी के अनुसार बेतिया के राज दरबार मे हरदिया के एक व्यक्ति कर्मचारी का काम करते थे। जिनके कहने पर क्षेत्र के लोगों को पूजा अर्चना करने के सुविधाएं के लिए बेतिया राज दरबार ने इस मंदिर का निर्माण कराया। इस मंदिर के एक खास विशेषता यह है कि गर्मी में भी अपने आप पानी के बूंद भी टपकता है।
वर्ष में कई बार लगते है मेला, देश के मशहूर कलाकारों से बने मिलते है कई आकर्षक समान
हरदिया में महाशिवरात्रि में आठ दिनों तक मेला लगता है वही दसहरा में दस दिनों तक पूजा अर्चना के लिए भव्य मेला का आयोजन होता है। श्रवण मास में महावीरी मेला का आयोजन होता है। इसके अलावा सावन महीना में भी पूजा अर्चना के लिए अपार भीड़ लगती है। इस मेले में लकड़ी के बने सारा सामान का प्रदर्शनी लगता है। जिसमें मोतिहारी, बेतिया, यूपी से लकड़ी का व्यपारी मेला में भाग लेते हैं।
मां दुर्गा सहित कई देवी देवताओं का प्राचीन मूर्ति भी एक आकर्षक केंद्र है
हरदिया मंदिर में शिवजी, मां दुर्गाजी, रामजी, भगवान गणेश, हनुमान जी, भगवान चित्रगुप्त जी महाराज का मंदिर है। पुजारी लालेश्वर पांडेय ने बताया कि इस मंदिर परिसर में स्थित रामजी की मूर्ति से मौषम का जानकारी का पता चलता था। जिसको देखने के लिए अन्य राज्यों से भक्त आते जाते हैं। इधर ग्रामीण परशुराम पांडेय, कुमार पंकज सहाय, संजय पांडेय, मनु पांडेय, सहायक पुजारी ललन पांडेय, विजय पांडेय, राजेश पांडेय,सुजीत सहाय, अनूप पांडेय, सतेंद्र पांडेय सहित अन्य ग्रामीणों ने मंदिर के देखरेख करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustan | Bureauहिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


