पंचायत सचिवों की हड़ताल से कामकाज प्रभावित, ग्रामीण घर लौट रहे
बिहार के सीवान जिले में पंचायत सचिवों ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। हड़ताल के कारण विकास कार्य ठप हो गए हैं और ग्रामीणों को प्रमाण पत्र, पेंशन और राशन कार्ड जैसे कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल का असर पूरे बिहार में देखने को मिल रहा है।

(सीवान से हिन्दुस्तान टीम )। जिले में सीओ, आरओ व राजस्व पदाधिकारियों के बाद अब पंचायत सचिव भी बुधवार हड़ताल पर चले गए हैं। इससे गांवों से लेकर अंचलों तक लोगों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पंचायत सचिवों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। हड़ताल से पंचायतों में विकास योजनाएं ठप्प पड़ गई हैं। राजस्व कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद पंचायत सचिवों को उनका अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया था। अब इनके भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से प्रखंड व अंचल कार्यालयों में कार्य ठप्प पड़ गया है।
बहरहाल, बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर सीवान समेत पूरे बिहार में पंचायत सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार से शुरू हुई है। सीवान जिले में पंचायत सचिवों की हड़ताल से ग्रामीण विकास कार्य ठप हो गए हैं। प्रखंड व अंचल कार्यालयों में सन्नाटा है। आरटीपीएस काउंटर पर काम नहीं हो रहा है। जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र, आय-जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड व पेंशन जैसे कार्यों के लिए लोग भटक रहे हैं। पंचायत सचिवों के पहले से ही राजस्व कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बहरहाल, पंचायत सचिव अपनी पांच सूत्री मांग, जिसमें मुख्य रूप से गृह जिला में पदस्थापना, ग्रेड पे में वृद्धि व सेवा संपुष्टीकरण शामिल है- को लेकर प्रदर्शन व अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों को बिना काम कराए ही लौटना पड़ा सीवान सदर। पंचायत सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन गुरुवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों में इसका व्यापक असर देखने को मिला। प्रखंड कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा और दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों को बिना काम कराए ही लौटना पड़ा। कई जगहों पर लोगों में नाराजगी भी दिखी। जबकि कुछ स्थानों पर कर्मचारियों ने सीमित संसाधनों के साथ काम संभालने की कोशिश की। लेकिन व्यवस्था लगभग ठप रही। गुरुवार को सुबह से ही अलग-अलग पंचायत भवन व प्रखंड मुख्यालय पर लोग जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड सुधार और आवास योजना से जुड़े कार्यों के लिए पहुंचे। पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति के कारण कोई सुनवाई नहीं हुई। खासकर बुजुर्ग और महिलाओं को अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। बता दें कि हड़ताल का सीधा असर उन सेवाओं पर पड़ा, जो पंचायत सचिवों के जिम्मे होती हैं। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया पूरी तरह रुक गई। वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड में नाम जोड़ने या सुधार कराने जैसे काम भी ठप रहे। कई लाभुकों ने बताया कि वे कई दिनों से प्रखंड का चक्कर लगा रहे थे। लेकिन हड़ताल के कारण काम और टल गया।
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