सेवा, सुमिरन और सत्संग से मिलता है जीवन का वास्तविक आनंद

Dec 10, 2025 03:10 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीवान
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जीरादेई के रुइया बंगरा गांव में निरंकारी संत समागम का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने दहेजमुक्त विवाह का संदेश दिया। संतों ने सेवा और सत्संग के महत्व पर जोर दिया। महात्मा विक्रमा जी ने मानसिक शांति के लिए सत्संग में भाग लेने की सलाह दी। कार्यक्रम में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

सेवा, सुमिरन और सत्संग से मिलता है जीवन का वास्तविक आनंद

जीरादेई, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के रुइया बंगरा गांव में मंगलवार को निरंकारी संत समागम का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। समागम के दौरान अनुयायी सागर और सुमन ने बिना दहेज विवाह कर समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश दिया। दहेजमुक्त शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। समागम में संत-महात्माओं ने कहा कि जीवन का वास्तविक आनंद सेवा, सुमिरन और सत्संग में है। उन्होंने बताया कि गुरु में आस्था और विश्वास जीवन के कष्टों को दूर करने में सहायक होता है तथा ब्रह्मज्ञान प्राप्ति से परिवारों में प्रेम और सम्मान का वातावरण बनता है। महात्मा विक्रमा जी ने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ में मनुष्य अशांत हो गया है, ऐसे में सत्संग ही उसे मानसिक शांति प्रदान कर सकता है।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को सत्संग से जुड़ने की सलाह दी। लखनऊ से आए युवा सत्संगी कंचन जी ने कहा कि आज युवा भटकाव की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि सत्संग उन्हें मुख्यधारा और सकारात्मक जीवन पथ की ओर ले जाता है। कार्यक्रम में दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सत्संग के बाद भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। मौके पर राजेश्वर मिश्रा, राम बहादुर सिंह, डॉ. कृष्ण कुमार सिंह, राजेश सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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