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कालाबाजारी मामले में आया नया मोड़

आंदर में जब्त कालाबाजारी के अनाज मामले में नया मोड़ आ गया है। पिपरा गांव के राजन कुमार सिंह ने डीएम समेत अन्य वरीय अधिकारियों को आवेदन देकर कालाबाजारी के मामले में भाई को झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। कहना है कि मेरा भाई राज्य खाद्य आपूर्ति के परिवहन सह हथालन अभिकर्ता का प्रतिनिधि हैं। वह राज्य खाद्य निगम का खाद्यान्न डीलरों के यहां पहुंचाता हैं। जिस गाड़ी से खाद्यान्न पहुंचाया जाता है उसमें जीपीएस लगा हुआ है। आंदर गोदाम से अभिकर्ता की दो गाड़ियां 16 जुलाई को 10 बजे गई। गाड़ी निर्धारित रास्ते से मानपुर पतेजी के अब्दुल सलाम खां के गोदाम पर साढ़े 11 बजे पहुंची। खाद्यान्न उतारने के बाद पुन: उसी रास्ते से वापस लौट आयी। इसके बाद से गोदाम से किसी भी प्रकार का उठाव नहीं किया गया है। इसकी जांच गाड़ी में लगे जीपीएस से किया जा सकता है। कहा कि तत्कालीन एमओ ने जदयू के प्रखंड अध्यक्ष कुंजबिहारी सिंह के आवेदन पर एफआईआर दर्ज करायी है। उसमें आरोप लगाया गया था कि गाड़ी से कालाबाजारी का अनाज उतारा जा रहा था। जबकि कुंजबिहारी सिंह ने आशकरण सिंह और उनके प्रतिनिधि रंजीत सिंह के पक्ष में शपथपत्र दिया है। उसमें उन्होंने कहा है कि एमओ ने उनसे सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिया और बाद में मनगढंत बातें लिखकर आशकरण और रंजीत को फंसा दिया गया। राजन सिहं ने कहा कि खाद्यान्न कालाबाजारी की दर्ज एफआईआर सही नहीं है। उन्होंने 16 जुलाई को आपूर्ति में प्रयुक्त गाड़ी की जीपीएस, लोड सेल, आरटी चालान, एसआईओ व डीलर द्वारा प्राप्त किए गए खाद्यान्न की रसीद भी अधिकारियों को उपलब्ध करायी है। डीएम से फरियाद लगाते हुए कहा है कि कागजातों की जांच से सभी सच्चाई सामने आ जाएगी। डीएम को लिखित दिए गए आवदेन में कहा है कि आशकरण सिंह को पूर्व में भी कान्टेक्ट नहीं लेने के लिए धमकियां दी जा चुकी हैं।

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  • Web Title: New twist in black money case