जिले में दरौली में चीनी मिल खोलने की तैयारी, भूमि चिह्नित
सीवान जिले के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। बलहूं गांव में नई चीनी मिल की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गन्ना विभाग ने 83 एकड़ जमीन का चयन किया है। किसानों ने मिल के लिए सहमति दी है और उन्नत गन्ने के बीज मुफ्त में देने का आश्वासन दिया गया है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।

सीवान, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि । जिले के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दरौली प्रखंड के बलहूं गांव में नई चीनी मिल की स्थापना को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। गन्ना विभाग ने स्थानीय किसानों के साथ बैठक कर करीब 83 एकड़ (83 बीघा, 15 कट्ठा) जमीन का चयन किया है। इसका आधिकारिक प्रस्ताव अब मुख्यालय भेजने की तैयारी है। हाल ही में गन्न विकास के सहायक निदेशक रजनीश कुमार गीरापु की उपस्थिति में संपन्न हुई बैठक में एक दर्जन से अधिक किसानों ने स्वेच्छा से अपनी सहमति दी। बैठक में जमीन के कागजात के साथ-साथ विकास के तीन मुख्य प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
इसमें चीनी मिल की स्थापना के साथ चिन्हित जमीन पर आधुनिक मिल लगाने के लिए तकनीकी रिपोर्ट तैयार, मिल के साथ-साथ सहायक इकाइयों के रूप में गुड़ उद्योग को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार बढ़ाने की पहल। गन्ना विभाग ने इसको लेकर चयनित किसानों को उन्नत किस्म के गन्ने के बीज निशुल्क उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इसके जवाब में किसानों ने तत्काल 20 एकड़ में गन्ने की बुआई का संकल्प लिया है। गौर करने वाली बात है कि बिहार सरकार के मास्टर प्लान लक्ष्य 2025-26 के तहत जिला समेत 14 जिलों में बंद पड़ी इकाइयों को पुनर्जीवित करने और नई मिलें खोलने की प्रक्रिया जारी है। अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार के निर्देशानुसार जमीन की रिपोर्ट जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यालय भेजी जा रही है। इसमें जिले में भी नए मिल स्थापित करने को लेकर जमीन चयन की कवायद शुरू हो गई है। जांच सफल होने पर जमीन अधिग्रहण और मिल निर्माण की प्रक्रिया को मिलेगी हरी झंडी गन्ना विकास के सहायक निदेशक द्वारा मुख्यालय को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद, विभाग की एक विशेष टीम स्थल का भौतिक सत्यापन करेगी। जांच सफल होने पर जमीन अधिग्रहण और मिल निर्माण की प्रक्रिया को हरी झंडी मिल जाएगी। बता दें कि मिल खुल जाने से मिल के साथ ही हजारों परिवहन क्षेत्र में नई नौकरियां पैदा होंगी। साथ ही किसानों की आय में वृद्धि के साथ फसल बेचने के लिए अब दूसरे जिलों पर निर्भरता खत्म होगी। गन्ना क्षेत्र विस्तार योजना के तहत इस 100 एकड़ में बढ़ेगी खेती जिले में गन्ना क्षेत्र विकास योजना के 100 एकड़ में खेती का विस्तार किया जाएगा। इसको लेकर 100 किसानों का चयन किया गया है। वहीं अगले सत्र में 500 एकड़ और गन्ना खेती का विस्तार करने के लिए विभाग तैयारी कर रहा है। बता दें कि जिले के मैरवा, नौतन, जीरादेई, दरौली व गुठनी प्रखंडों में गन्ना की खेती प्रमुखता से होती है। यहां के किसान जिले में चीनी मिल नहीं होने के चलते यूपी के रामपुर स्थित चीनी मिल में गन्ना बेचने को मजबूर होते हैं। करीब ढ़ाई सौ क्विंटल गन्ना जिले के किसान प्रतापुर चीनी मिल को देते हैं। अपने जिले में मिल स्थापित हो जाने के बाद फसल बेचने के लिए दूसरे जिलों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। क्या कहते हैं अधिकारी हमारा लक्ष्य जिले के किसानों को उनकी उपज का सही मोल दिलाना और स्थानीय स्तर पर उद्योग लगाना है। बलहूं में जमीन का चयन का प्रयास इस दिशा में बड़ा कदम है। इस प्रस्ताव को जिलाधिकारी व मुख्यालय को भेजा जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया विभागीय दिशा निर्देशानुसार की जा जाएगी। इस साल 100 किसानों का चयन कर 100 एकड़ में खेती का विस्तार शुरू किया जा रहा है। - रजनीश कुमार गीरापु, सहायक निदेशक गन्ना विकास
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