नगर परिषद में अनिश्चितकालीन हड़ताल से सफाई कार्य ठप

Mar 01, 2026 03:43 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीवान
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सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता।सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। अपनी मांगों को लेकर 5 फरवरी को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए नगर परिषद कर्मियों की डीएम विवेक रंजन मैत्रैय की पहल पर यूनियन व नप के कार्यपालक...

नगर परिषद में अनिश्चितकालीन हड़ताल से सफाई कार्य ठप

सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। अपनी मांगों को लेकर 5 फरवरी को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए नगर परिषद कर्मियों की डीएम विवेक रंजन मैत्रैय की पहल पर यूनियन व नप के कार्यपालक पदाधिकारी के बीच हुए समझौते के बावजूद कर्मियों का भुगतान नहीं होने का मामला अब तूल पकड़ लिया है। समझौते के अनुसार, 90 लाख ईपीएफ का पैसा 5 फरवरी को कर्मियों के खाते में ट्रांसफर करने व शेष पैसा जल्द कर ही भेजे जाने के आश्वासन के बावजूद शनिवार तक एक रुपया भी नप कर्मियों के खाते में नहीं भेजे जाने से नाराज नगर परिषद, एनजीओ के सफाई कर्मी व नप कर्मी समेत साढ़े पांच सौ कर्मी शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।

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नगर परिषद कर्मी अपने बकाया वेतन, ईपीएफ, ईएसआईसी समेत अन्य मांगों को लेकर बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी के बैनर तले मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करते हुए शहर में सुबह-सुबह ही मार्च निकाले। बहरहाल, नगर परिषद कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से कार्यालय में ताला लटक गया। नगर परिषद कार्यालय के प्रवेश द्वार पर ताला लटके होने से कार्य कराने पहुंचे लोग निराश होकर लौट गए। हड़ताल से जहां जनता से जुड़े कार्य जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, नक्शा, दाखिल खारिज, टैक्स की राशि जमा करने समेत अन्य कार्य नहीं हुए, वहीं विभागीय कार्य भी ठप्प पड़ गए। इस बीच हड़ताल में नगर परिषद के करीब 250 सफाई कर्मी समेत अन्य, एनजीओ के करीब 200 व नगर परिषद के करीब 100 कार्यालय कर्मी शामिल हैं। पहले दिन ही चरमरा उठी सफाई व्यवस्था नगर परिषद के सफाई कर्मी व एनजीओ के सफाई कर्मियों के हड़ताल पर जाने से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा उठी है। पहले से ही लचर सफाई व्यवस्था से जूझ रहे लोग होली के मौके पर गंदगी व बदबू से परेशान दिखे। हड़ताल के पहले ही दिन शहर की स्थिति नारकीय होनी शुरू हो गई है। सुबह-सवेरे मोहल्ले से लेकर विभिन्न वार्ड व मुख्य मार्गों पर झाड़ू नहीं लगा, वहीं कचरे का उठाव भी नहीं हुआ। एक दिन पूर्व जो कचरा प्वाईंटस पर गिराया गया था, वह उठाव नहीं होने से जस का तस पड़ा रहा। होली-रमजान की खरीदारी करने निकले लोग गंदगी व बदबू से परेशान दिखे। विशेषकर जहां कचरा प्वाईंट्स है, वहां गंदगी की वजह से स्थानीय दुकानदार व राहगीरों का बुरा हाल है। थाना रोड, कसेरा टोली, सोनार टोली जैसे मुख्य मार्ग में सड़कें गंदगी से भरी रहीं। त्योहार को लेकर एक-एक सामान शुद्धता के साथ खरीद कर घर लाने के दौरान गंदगी से वास्ता पड़ने पर लोग नगर परिषद की मुख्य पार्षद व उप मुख्य पार्षद समेत सभी वार्ड पार्षदों व नगर परिषद प्रशासक को कोसते रहे। लोगों का कहना था कि नप की राजनीति से शहर की सफाई व्यवस्था हर दूसरे तीसरे दिन बिगड़ रही है, लेकिन काम होने का दावा जोर-शोर से किया जा रहा है। सरकार के निर्देश के बावजूद नहीं मिला कर्मियों का वेतन मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार ने बताया कि होली का पावन पर्व है। सरकार का निर्देश है कि सभी कर्मियों को होली के पहले उनका वेतन दिया जाए लेकिन नप कर्मियों को अभी तक फरवरी माह का वेतन नहीं मिला। इस स्थिति में कर्मी कैसे अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी होली मनायेंगे। इसे लेकर सभी कर्मियों में भारी गुस्सा है। उन्होंने बताया कि 5 फरवरी को कर्मी हड़ताल की घोषणा किए थे। तब डीएम की पहल पर यूनियन व कार्यपालक पदाधिकारी के बीच समझौता हुआ। कहा गया कि 90 लाख ईपीएफ का पैसा 5 फरवरी को ट्रांसफर कर दिया गया है, शेष पैसा जल्द ट्रांसफर कर दिया जाएगा लेकिन तक एक रुपया कर्मियों के खाते में नहीं गया। उन्होंने बताया कि कर्मियों का ईएसआईसी कार्ड बनाना अबतक शुरू नहीं हुआ, वर्षों से बकाया अंतर वेतन का भुगतान नहीं हुआ। पंप ऑपरेटर का चार माह, दैनिक कर्मियों व पेंशनधारी कर्मियों का दो माह से पैसा खाते में नहीं गया। डीएम ने साफ तौर पर नगर परिषद के ईओ को कर्मियों का बकाया ईपीएफ, ईएसआईसी समेत अन्य भुगतान नहीं होने तक किसी भी तरह के भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया था, लेकिन कर्मियों का भुगतान नहीं हुआ, वहीं, एनजीओ का भुगतान कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि 465 मैन पावर सप्लाई करने का ठेका तीन एजेंसियों ने लिया है। वहीं, 200 लोग सप्लाई करके 465 लोगो का पैसा फर्जी भुगतान करने की तैयारी है। 5 फरवरी के बाद दो बार पत्र लिखकर समझौता लागू करने को कहा गया लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इन सारी स्थितियों को देखते हुए मजबूरन हड़ताल पर नगर परिषद कर्मी चले गए हैं। कर्मियों का पूरा बकाया जबतक नहीं मिल जाता, हड़ताल जारी रहेगी।

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