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सीवानचांद का हुआ दीदार, ईद मुबारक आज

हिन्दुस्तान टीम,सीवानPublished By: Newswrap
Thu, 13 May 2021 08:40 PM
चांद का हुआ दीदार, ईद मुबारक आज

रमजान के बाद मनाए जाने वाले ईद को लेकर लोगों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। चार घंटे के लिए खुले बाजार में ईद की खरीदारी खूब की गई। शाम होते-होते ईद का चांद देखने की बेताबी रोजेदारों में छाने लगी। शाम ढलते ही महिला-पुरुष, युवा व नन्हे रोजेदार घर के छत्त से लेकर खुले मैदान तक में ईद का चांद देखने के लिए जुटने लगे। फिर क्या था, जैसे ही आसमान में ईद के चांद का दीदार हुआ, रोजेदार एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देने लगे।

संक्रमण को देखते हुए चांद देखने के दौरान भी सोशल डिस्टेंस का पालन होता रहा। चूंकि दिन के 11 बजे के बाद लाकडॉउन था इसलिए बाजार तो वीरान रहा लेकिन मुस्लिम बाहुल्य इलाके पूरी रात गुलजार रहे। रोजेदार मो. हसन, कमाले फारूक, रेहान सादिक, एनातुल्लाह नन्हे, नसीम अख्तर, सैफुल आलम, शहाबुद्दीन व संजर अली ने बताया कि लगातार दूसरे साल ईद में उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है। पहले रमजान शुरू होते ही रौनक बढ़ जाती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। सभी लोग मस्जिदों की जगह घरों में नमाज पढ़ेंगे। इसकी तैयारी में गुरुवार से ही लोग जुटे हुए है।

इधर सदर एसडीओ राम बाबू बैठा ने बताया कि लॉकडाउन के कारण सब बंद है। किसी प्रकार के धार्मिक आयोजन नहीं हो रहे है। लॉकडाउन का अनुपालन कराने के लिए मजिस्ट्रेट व पुलिसबल की तैनाती की गई है। शांति समिति के सदस्यों ने आश्वासन दिया है कि सरकार के निर्देश के अनुसार ईद मनाई जायेगी, सो अलग से ईद को लेकर मजिस्ट्रेट व पुलिसबल तैनात नहीं किए गए है। जो अधिकारी लॉकडॉउन में लगे हैं, वहीं ईद के दिन भी नजर रखेंगे।

बिना बुलाए घर पर आया करते थे लोग

पहले ईद में मेहमानों को अधिक से अधिक दावत देकर बुलाया जाता था, लोग बिना बुलाए घर पर आया करते थे, लेकिन पिछली बार की तरह इस बार भी कोरोना को लेकर डर बना हुआ है। लोग एक दूसरे के घर जान से कतरा रहे है। इसलिए त्योहार को लेकर खुशियां तो जरूर है, लेकिन तैयारी आधी अधूरी तैयारी है। पकवान तो जरूर बनेंगे लेकिन सीमित मात्रा में। मेहमानों को बुलाने से भी थोड़ा परहेज किया जाएगा। पहले की तरह ही सेवईया, बारा, छोला, चाट, मिठाई, नमकीन आदि बनाएं जा रहे है। लेकिन, कोरोना के कारण यह भी पता है कि मेहमान कम आएंगे, इसलिए उसी मात्रा में बनाएं जा रहे ताकि बर्बाद नहीं हो। रोजेदारों ने बताया कि बंदी के कारण दूर-दराज से रिश्तेदार व दोस्त मिलने नहीं आएंगे। बताया कि ईद के दिन सरकार के फरमान का पूरा पालन होगा, इसलिए घरों पर ही ईद की नमाज अदा की जाएगी। नमाज के बाद हाथ मिलाने व गले मिलने से

परिवार के साथ लोग मनाएंगे ईद की खुशी

हसनपुरा। प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार को ईद मनाई जाएगी। जहां गुरुवार की शाम लोगों ने चांद की जियारत कर खुदा से दुआ मांगी। वहीं रोजेदारों के आंखों में खुशी के आंसू देखे गए। उनका कहना है कि अल्लाह ने हमारे लिए एक माह के रोजा के बाद ये ईद की खुशी दी है। चांद देख रोजा खत्म हो गया। लोगों ने आसमान में चांद देख व्हाट्सप व फोन के माध्यम से एक दूसरे को मुबारकबाद दी। इस बड़ी खुशी को सरकार व उलेमाओं द्वारा भी ताकीद कर कहा गया है कि इसबार की ये खुशी अपने घरों में ही रहकर मनाएं। अभी हमारा मुल्क महामारी से गुजर रहा है। वहीं कुछ लोगों ने ईद की खुशी के बारे में कहा है कि हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी तब होगी जब हमारे मुल्क के हालात दुरुस्त हो जाएंगे।

घरों में पढ़ी जाएगी ईद की नमाज

बड़हरिया। गुरुवार की शाम ईद का चांद देखा गया। लोग चांद देखकर खुदा से अपने मुल्क और तमाम अवाम के लिए दुआ मांगे। इस बार घरों में ही अपने परिवार के लोगों के साथ ईद की नमाज अदा करेंगे। लॉक डाउन के गाइडलाइन के अनुसार मस्जिदों में पांच को ही नमाज पढ़ने की इजाजत दी गयी है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए किसी से गले नहीं मिलकर खुशियों को अपने घर में बाटेंगे। लॉकडाउन के कारण लोगों में इस बार उत्साह नहीं देखने को मिल रहा है। रोजेदारों का कहना है कि इस बार कोरोना से देश की हिफाजत के लिए दुआ करेंगे।

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