माले कार्यकर्ताओं ने दिया एक दिवसीय धरना
पचरुखी में माले कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना दिया। नेता गुड्डू पाण्डेय ने बताया कि भीषण शीतलहर में दलित गरीबों के घर उजाड़े जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि अवैध अतिक्रमण हटाने के नाम पर दलित बस्तियों को न मिटाया जाए और भूमि पर्चा प्रदान किया जाए।

पचरुखी, एक संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय के प्रांगण में सोमवार को माले कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना दिया। नेता गुड्डू पाण्डेय ने कहा कि भीषण शीतलहर के बीच दलित गरीबों के घर उजाड़ी जा रही हैं। अपने ही देश में लोग खुले आसमान में रहने को मजबूर हैं। साथ ही, अतिक्रमण हटाने के नाम पर दलित गरीबों की बस्तियां मिटाने का खेल सरकार कर रही है। यह अमानवीय ही नहीं गैर कानूनी भी है। राज्य की तकरीबन 30 फीसदी आबादी जहां दशकों से बसे हैं, उन्हे उस जमीन का पर्चा मिल जाना चाहिए था। लेकिन, सरकारी तंत्र उन्हें पर्चा मुहैया कराने के बजाय उजाड़ने में जुटी है।
कार्यकर्ताओं ने इस दौरान संबंधित अधिकारियों को अपना एक मांग पत्र भी सौंपा। इसमें दलित गरीबों की बस्तियों को उजाड़ने पर तत्काल रोक लगाने, भूमिहीनों को पर्चा देने, प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि 5 लाख किये जाने, ग्रामीण गरीबों के रोजगार गारंटी के कानून मनरेगा की पुनर बहाली आदि जैसी मांगे शामिल थी। साथ ही, कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर कारवाई का विरोध करने वालों पर दर्ज मुकदमे वापस करने और भाकपा माले के उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव सुधाकर यादव और खेग्रामस की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जीरा भारती को अविलंब रिहा करने की मांग कर रहे थे।
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