मकर संक्राति को लेकर पूरे दिन उत्साह व भक्ति का बना रहा माहौल
सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता।मारपीट की घटना में युवक घायलमारपीट की घटना में युवक घायलमारपीट की घटना में युवक घायलमारपीट की घटना में युवक घायल

सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। शहर समेत पूरे जिले में मकर संक्रांति का पर्व गुरुवार को धूमधाम से पारंपरिक रूप से मनाया गया। मकर संक्राति को लेकर पूरे दिन उत्साह व भक्ति का माहौल रहा। इस दौरान लोगों ने दरौली, सिसवन व रघुनाथपुर में सरयू नदी के विभिन्न घाटों के अलावा दाहा नदी के घाटों पर स्नान-ध्यान कर दान-पुण्य किया। मकर संक्रांति स्नान को लेकर घाटों पर लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा था। नदी तटों पर प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुलिस बल व गोताखोरों की तैनाती की गई थी। स्नान को सूर्यदेव को अर्घ्य देने के बाद नया चावल, उड़द का दाल, तिल का लड्डू, हरी सब्जी समेत अन्य चीजों का दान कर सर्वप्रथम तिलकुट का सेवन किया।
इसके उपरांत त्योहार के रिवाज के अनुसार, दिन में दही-चूड़ा व रात में खिचड़ी खाई। राजनीतिक व सामाजिक संस्थाओं के अलावा स्थानीय स्तर पर कई अन्य स्थानों पर चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया गया। बहरहाल, जिला में मकर संक्रांति का पर्व पूरे हर्षोल्लास व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। अहले सुबह से ही जिले के शहरी व ग्रामीण इलाकों में उत्सव का माहौल देखने को मिला। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। नदी, तालाब व घाटों पर स्नान के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह होते ही सरयू, दाहा, गंडक से जुड़ी छोटी नदियों व जलाशयों के तटों पर श्रद्धालु स्नान करने पहुंचे। लोगों ने पवित्र स्नान के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य देकर दान-पुण्य किया। आचार्यों को दान-पुण्य की सामग्री देने के साथ ही जरूरतमंद व गरीबों को चूड़ा, गुड़, तिल, वस्त्र व नकद दान दिया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन किया गया दान अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है, इसी विश्वास के साथ लोगों ने खुले मन से दान किया। घरों में भी मकर संक्रांति की विशेष रौनक देखने को मिली। दिन में लोगों ने पारंपरिक रूप से दही-चूड़ा, गुड़ व तिल का सेवन किया। महिलाओं ने घरों में तिल से बने लड्डू, तिलकुट और अन्य व्यंजन तैयार किए। रात में खिचड़ी खाने की परंपरा निभाई गई। कई परिवारों में सामूहिक रूप से खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ। इसमें रिश्तेदारों व पड़ोसियों ने हिस्सा लिया। खासकर ग्रामीण इलाकों में खिचड़ी पर्व को लेकर खास उत्साह देखा गया। कहीं-कहीं भजन-कीर्तन व लोकगीतों का भी आयोजन हुआ। इससे माहौल और भी उल्लासपूर्ण बन गया। बाजारों में भी मकर संक्रांति का असर साफ दिखाई दिया। चूड़ा, गुड़, तिल, तिलकुट व दही की दुकानों पर दिनभर भीड़ लगी रही। स्थानीय कारीगरों व दुकानदारों के लिए यह पर्व आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित हुआ।

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