
पैक्स गोदाम का निर्माण में अबतक शुरू नहीं
सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता।वियस विद्यालय का नाम व वर्ग भी अंकित है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के आंकड़ों की समीक्षा में यह सामने आया है कि पिछले सत्र 2024-25 की तुलना में करीब 45 हजार से अधिक छात्रों का...
सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में पैक्स गोदाम निर्माण में गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। बताते हैं कि पैक्स गोदाम निर्माण योजना बड़े पैमाने पर लापरवाही व विभागीय उदासीनता की खबर लगते ही विभाग के कान खड़े हो गए हैं। ऐसे में पैक्सों में गोदाम निर्माण कार्य में धांधली की खबर पर विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है, ताकि करोड़ों के घोटाले में हेराफेरी को रोका जा सके। बहरहाल, अगस्त महीने में सहकारिता विभाग ने 37 पैक्स गोदामों बनाने की अनुमति दी गई थी। इसमें 6 पैक्सों में गोदाम बनवाने की दिशा में अबतक कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, वहीं, 25 का ले आउट तैयार हो गया जबकि 4 का प्लिंथ तक हो गया है।
वहीं 2 समिति में भूमि नहीं मिलने से निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हो सका। गोदामों निर्माण पर करीब 25 करोड़ रुपये की राशि खर्च होनी है। इस योजना के तहत 200 मीट्रिक टन, 500 व 1000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इस संदर्भ में अनुमति मिलने के बाद तत्कालीन विभागीय मंत्री ने गोदाम बनाने के लिए शिलान्यास भी किया, लेकिन अबतक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। हालांकि विभाग ने मार्च तक योजना पूरी कर उपयोगिता प्रमाण पत्र समर्पित करने का निर्देश दिया है, लेकिन संबंधित पैक्सों की उदासीनता से ऐसा होता दिख नहीं रहा। ऐसे में शेष अन्य पैक्सों में भी गोदाम बनाने की योजना को स्वीकृति मिलने में रुकावटें खड़ी हो गई है। इधर, जिले में धान अधिप्राप्ति को गति देने के लिए पैक्स गोदाम निर्माण योजना गंभीर लापरवाही व विभागीय उदासीनता का शिकार होती दिख रही है। बताया जा रहा कि डेढ दर्जन से अधिक पैक्सों में गोदाम बनाने के लिए राशि तो उठा ली गई, लेकिन कहीं भी अभी गोदाम बनाने का कार्य शुरू नहीं हुआ। पूरी योजना में भवन निर्माण विभाग के सहायक अभियंता की उदासीनता बताई जा रही है, जिसकी वजह से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जिले में अबतक धरातल पर उतरने की जगह फाइलों में दब कर रह गई। बताया जा रहा कि निर्माण कार्य कराने वाले अभियंता ने ले-आऊट तो तैयार कर लिया, लेकिन निर्माण शुरू कराने की दिशा में कार्य अभी भी बाकी है। भवन निर्माण विभाग के सहायक अभियंता द्वारा निर्माण कार्य स्थल पर निरीक्षण करने तक नहीं पहुंच रहे हैं। नवंबर में संयुक्त निबंधक ने मांगा था विस्तृत प्रतिवेदन जिले में 37 पैक्स गोदाम निर्माण की वस्तुस्थिति को लेकर नवंबर माह में ही संयुक्त निबंधक सारण प्रमंडल सैयद मसरूक आलम ने विभाग से प्रतिवेदन मांगा था जो कि दो माह बाद भी उपलब्ध नहीं कराया गया। कृषि रोड मैप के तहत प्रस्तावित गोदामों की अद्यतन स्थिति का हवाला देते संयुक्त निबंधक ने भवन निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ब्रजेश पटेल से पत्र लिख विस्तृत प्रतिवेदन मांगा था। पत्र में इस बात का उल्लेख किया गया था कि जिले में निर्माणाधीन व प्रक्रियाधीन 37 पैक्स गोदाम निर्माण की प्रगति संबंधी जानकारी सूची के साथ तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराई जाए, ताकि विभाग को इसकी जानकारी भेजी जा सके। हालांकि अबतक कोई ठोस जानकारी नहीं उपलब्ध कराई गई है। पिछले दिनों हुई समीक्षा बैठक में गोदाम निर्माण का मामला प्रमुखता से उठाते हुए निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किए जाने पर जोर दिया गया। इधर, सहायक अभियंता ब्रजेश पटेल ने बताया कि अधिकतर पैक्स गोदामों का ले-आउट तैयार करा दिया गया है। पैक्स अध्यक्ष व प्रबंधकों को निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने को कहा गया है। सिसवन में तीन पैक्स में गोदाम निर्माण शुरू नहीं होने पर विभाग सख्त जिले के सिसवन प्रखंड के भीखपुर, रामपुर व रामगढ़ पैक्स में प्रस्तावित 1000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। बताते हैं कि सिसवन के बीसीओ ने सपैक्स अध्यक्ष व प्रबंधकों को तीन दिनों के अंदर निर्माण कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया है। साथ ही निर्धारित समय में कार्य शुरू नहीं होने पर आवश्यक विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है। बीसीओ ने बताया कि भवन निर्माण विभाग सीवान के सहायक अभियंता ने गोदाम का ले-आउट तैयार कर लिया है, गोदाम निर्माण के लिए प्रथम किस्त की राशि 21 लाख रुपये संबंधित पैक्स को हस्तांतरित की जा चुकी है, लेकिन अबतक निर्माण शुरू नहीं होना गंभीर लापरवाही है। क्या कहते संयुक्त निबंधक संयुक्त निबंधक सारण प्रमंडल सैयद मसरूक आलम ने बताया कि ले-आउट तैयार होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होना गंभीर मामला है। भवन निर्माण विभाग के एसडीओ से नवंबर में ही निर्माण की अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी गई, लेकिन अब तक कोई रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। यह विभागीय लापरवाही है। विभाग ने मार्च तक योजना पूरी कर उपयोगिता प्रमाण पत्र समर्पित करने का निर्देश दिया है। पैक्सों की उदासीनता से यह कार्य शुरू नहीं हो रहा।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




