
गुठनी में आवारा कुत्तों ने 1756 लोगों को काट कर किया जख्मी
गुठनी नगर पंचायत और 10 पंचायतों में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। पिछले 12 महीनों में 1756 मामले सामने आए हैं। पीएचसी में एंटी रैबीज वैक्सीन का डोज दिए जा रहे हैं। ग्रामीणों में दहशत है और स्वास्थ्य विभाग की कुव्यवस्था के कारण कई लोग प्राइवेट अस्पताल भी जा रहे हैं।
गुठनी,एक संवाददाता। नगर पंचायत और 10 पंचायतों में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक से आम लोगों में हड़कंप मची हुई है। जबकि लगातार आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पीएचसी में अभी तक आंकड़ों पर नजर डाले तो 12 महीने में 1756 मामले सामने आए हैं। जिससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों और नगर पंचायत में आवारा कुत्तों का आतंक कितना बढ़ा हुआ है। हेल्थ मैनेजर शाहिद अली ने बताया कि कुत्तों ने लगभग 1756 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया है। आवारा कुत्तों के शिकार सभी पीड़ितों को पीएचसी में एंटी रैबीज वैक्सीन का डोज लगाया गया है।
हालांकि यह आंकड़ा सिर्फ सरकारी अस्पताल में आने वाले लोगों का है। कई लोगों ने सरकारी व्यवस्था की लेट लतीफी और कुव्यवस्था के बाद प्राइवेट अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन का डोज लगवाया। पीएचसी के प्रभारी डॉ शब्बीर अख्तर ने बताया कि पीएचसी में सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक डॉग बाइट के लिए एंटी रैबीज की सुई उपलब्ध है। कुत्तों के बढ़ते आतंक पर जिम्मेवार ने साधी चुप्पी नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की वजह से लोगों में दहशत बनी रहती है। ग्रामीणों की माने तो 70 से 80 लोगों को एंटी रैविज की सुई दी जा रही है। पीएचसी प्रभारी शब्बीर अहमद ने बताया कि जिन्हें भी कुत्ता काटता है। उसे अस्पताल में ओपीडी में जांच के बाद वैक्सीन देते हैं। पीएचसी में एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध है। फरवरी में हर रोज करीब 20 से 25 लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। कुता काटे तो टीटी का इंजेकशन लेना अनिवार्य एंटी रेबीज इंजेक्शन के प्रथम डोज लेने के लिए फिलहाल स्वास्थ विभाग द्वारा कोई गाइड लाइन सुनिश्चित नहीं है। लेकिन, कुत्तों के काटने के बाद 2 से 3 दिन के अंदर प्रथम डोज लगवाना चाहिए। प्रथम डोज के तीन दिन बाद दूसरा, चार दिन बाद तीसरा, सात दिन बाद चौथा डोज लगवाना होगा। प्रथम डोज के बाद ही निर्धारित दिन के अंतराल में अन्य डोज लेना अनिवार्य होता है। पीएचसी से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में 12 महीने में आये 1756 केस सामने आए।जिनमें जनवरी 121, फरवरी 115, मार्च 142, अप्रैल 123, मई 135, जून 123, जुलाई- 181 अगस्त- 156 सितम्बर- 212 अक्टूबर- 112 नवंबर- 177 दिसंबर- 158 सरकारी आंकड़े मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर दिए गये।

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