
ठंड में कुत्ते के काटने की बढ़ीं घटनाएं, हर रोज 40 रोगी पहुंच रहे
सीवान के सदर अस्पताल में एआरवी के लिए प्रतिदिन 50 से अधिक नए रोगी आ रहे हैं। कुत्तों, बिल्लियों और बंदरों के काटने के बाद लोग वैक्सीन लेने पहुंच रहे हैं। मौसम में बदलाव और आवारा कुत्तों की संख्या में वृद्धि के कारण ये घटनाएं बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने समय पर वैक्सीन लेने की अपील की है।
सीवान, निज प्रतिनिधि। सदर अस्पताल में इन दिनों एआरवी के लिए प्रतिदिन पचास से अधिक नए रोगी पहुंच रहे हैं। सभी को डॉक्टर के परामर्श पर एआरवी व टिटनेस का डोज दिया जा रहा है। सोमवार को भी एआरवी के लिए सुबह से ही काउंटर पर कतार लगनी शुरू हो गई थीं। पहली पाली के दोपहर के दो बजे तक नए करीब 35 जबकि पुराने करीब 45 मरीज एआरवी के लिए पहुंचे थे। बताया गया कि कुत्ता, बिल्ली व बंदर के काटने के बाद वैक्सीन का पहला, दूसरा व तीसरा डोज लेने मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चे, महिलाएं व बुजुर्ग सभी शामिल हैं।

मौसम बदलने व आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने की वजह से इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों से भी मरीज एआरवी के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। मिले एक आंकड़े के अनुसार, पिछले वर्ष जिले में कुल 33 हजार 675 डोज एआरवी की खपत हुई थी। वहीं, 2023 में जिले में कुल 14 हजार 517 डोज एआरवी की खपत हुई थी। रैबीज एक खतरनाक संक्रमण है बताया गया कि इस तरह के कई मरीज देरी से अस्पताल पहुंचते हैं, इससे संक्रमण का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। कुत्ता काटने के बाद शुरुआती कुछ घंटों के भीतर एआरवी व टिटनेस की सूई लेना बेहद जरूरी होता है। चूंकि रेबीज एक अत्यंत खतरनाक संक्रमण है, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए कुत्ता, बिल्ली व सियार के काटने की घटना के फौरन बाद घाव को कम से कम 15 मिनट तक साबुन और साफ पानी से धोना चाहिए। इसके बाद अस्पताल में उपलब्ध एआरवी वैक्सीन व टिटनेस की सूई लगवानी चाहिए। वैक्सीन की सभी निर्धारित डोज समय पर लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। कई मरीज बीच में डोज लेना छोड़ देते हैं, इससे भी रेबीज संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। क्या कहते हैं डॉक्टर सदर अस्पताल से जुड़े डॉक्टर अनुप कुमार दूबे ने बताया कि सदर अस्पताल में फिलहाल एआरवी वैक्सीन व टिटनेस की सूई की पर्याप्त उपलब्धता है और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। लोगों से अपील है कि सभी सतर्कता बरतें। कुत्तों को उकसाने से बचें, बच्चों को अकेले सुनसान रास्तों पर न भेजें और यदि किसी घटना में कुत्ता काट ले, तो फौरन अस्पताल पहुंचकर एआरवी व टिटनेस की सूई लगवाएं। किस महीने में कितना एआरवी की हुई खपत -जनवरी महीने में -1239 -फरवरी महीने में- 1186 -मार्च महीने में - 978 -अप्रैल महीने में- 1115 -मई महीने में- 1041 -जून महीने में- 955 -जुलाई महीने में- 1126 -अगस्त महीने में- 1027 -सितंबर महीने में- 1257 -अक्टूबर महीने में- 1067

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