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रूक - रूक कर होने लगी बारिश तो धान की रोपनी में आयी तेजी

तो कुछ सोमवार को कराने की बात कह रहे थे। पंपसेट से पानी चलाकर खेत में कांदो कराने के लिए तैयारी कर रहे किसान सत्यनारायण प्रसाद ने कहा कि बारिश होने के बाद खेत में पानी लग गया है। इस वजह से उनका 600...

रूक - रूक कर होने लगी बारिश तो धान की रोपनी में आयी तेजी
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,सीवानMon, 01 Aug 2022 11:50 AM
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सीवान/रघुनाथपुर, एक संवाददाता। जुलाई महीने के आखिरी दिन रविवार को पूरे दिन मौसम खुशनुमा बना रहा। बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश भी हुई। दोपहर में रघुनाथपुर के कई गांवों में अच्छी बारिश हो गयी। उसके बाद शाम तक बूंदाबांदी जारी रही। खेतों में बारिश का पानी जमा होने पर कई किसानों ने ट्रैक्टर से अपने खेत में कांदो करवाया। कुछ किसानों ने रविवार को ही धान की रोपनी करा ली तो कुछ सोमवार को कराने की बात कह रहे थे। पंपसेट से पानी चलाकर खेत में कांदो कराने के लिए तैयारी कर रहे किसान सत्यनारायण प्रसाद ने कहा कि बारिश होने के बाद खेत में पानी लग गया है। इस वजह से उनका 600 रूपये से अधिक की बचत हो गयी। साथ ही मेहनत भी कम लगेगा। बताया कि सोमवार को मजदूर जोड़कर धान की रोपनी करा लूंगा। बारिश होने पर सभी किसान-मजदूर धान की रोपनी में एक साथ जुट जाते हैं। इस वजह से बिचड़ा उखाड़ने और रोपनी करनेवाले मजदूरों की कमी पड़ जाती है। किसानों ने बताया कि शुक्रवार की शाम में भी रघुनाथपुर में अच्छी बारिश हुई थी। बारिश के पानी से ही कई किसानों ने कांदो कराकर धान की रोपनी करा ली। छोटेलाल राम ने बताया कि जिस खेत तक पानी पहुंचाने में ज्यादा दिक्कत होती है, उसी खेत में मैंने बारिश के पानी से धान की रोपनी करवाया। किसानों की माने तो दो दिनों के अंदर अच्छी खासी धान की रोपनी हुई है। एक अनुमान के अनुसार जिले में 50 प्रतिशत से अधिक धनरोपनी व 70 प्रतिशत से अधिक मक्का और अरहर की बुआई हो चुकी है।

धान के खेत में खाद भी डाल रहे हैं किसान

धान की रोपनी के सप्ताह भर से अधिक होने पर किसान खेतों में खाद भी डालना शुरू कर दिए हैं। दुकानों से खाद लाते किसान देखे जा रहे हैं। दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने से किसानों को भी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। हालांकि, किसान बोरी वाले खाद लेने पर ही जोर दे रहे हैं। जबकि सभी दुकानों पर तरल में नैनो यूरिया भी उपलब्ध है। दुकानों पर 45 किलोग्राम की बोरी में यूरिया खाद उपलब्ध है। इसमें छोटे और मोटे दोनों तरह के दाने वाले यूरिया मौजूद है। किसान बीरबल प्रसाद ने बताया कि धान के साथ-साथ मक्का, अरहर और मड़ुआ आदि में भी खाद उपयोग किया जा रहा है।

बारिश से किसानों के चेहरे खिले

पचरुखी। बारिश से जहां किसानों को राहत मिली वहीं गर्मी व उमस से आम लोगों ने राहत महसूस की है। रविवार को अचानक मौसम में तब्दीली आई और बारिश हुई। इसके बाद से पूरे प्रखंड क्षेत्र में बारिश का क्रम जारी है। कहीं तेज बारिश तो कहीं बूंदाबांदी हो रही है। काफी दिनों बाद हुई बारिश से प्यासे खेतों की प्यास भी बुझी है। साथ ही खेती-किसानी के रुके हुए काम ने जोर पकड़ ली है। किसान जहां खेतों में निंदाई-गुड़ा में व्यस्त नजर आ रहे हैं। जिस तरह मौसम का रुख बदला है उससे किसानों के साथ सभी ने ने राहत की सांस ली ही है। सप्ताह भर से अधिक समय से बने उमस व गर्मी के हालात से आम लोगों को निजात मिली है। जो लोगों के लिए राहत की बात है।

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