खत्म तरावीह के बाद मांगी गई मुल्क में अमन की दुआ
हुसैनगंज के दक्खिन मोहल्ला जामा मस्जिद में तरावीह की नमाज़ पढ़ाने वाले हाफ़िज़ साहब को सम्मानित किया गया। रमज़ान के महीने में कुरआन के मुकम्मल होने की खुशी में कार्यक्रम आयोजित किया गया। हाफ़िज़ सफ़ीउल्लाह साहब को फूलों के साथ कपड़े और पैसे देकर सम्मानित किया गया। मस्जिद में नमाजियों की भीड़ थी और शांति की दुआ की गई।

हुसैनगंज, निज संवाददाता। प्रखंड स्थित हुसैनगंज के दक्खिन मोहल्ला जामा मस्जिद में तरावीह की नमाज़ पढ़ाने वाले हाफ़िज़ साहब को सोमवार की देर शाम को सम्मानित किया गया। बता दें कि रमज़ान के महीने की शुरुवात में चांद नज़र आते ही संध्या से तरावीह की नमाज़ पढ़ी जाती है जिसमें सभी मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज़ अदा करने जाते हैं। इस नमाज़ के दौरान रमज़ान के महीने में पूरी कुरआन पढ़ी जाती है जिसके लिए कुरआन का हिफ्ज़ किए हुए हाफिज व्यक्ति ही तरावीह की नमाज पढ़ाते हैं। हुसैनगंज जामा मस्जिद मे इस साल तेलकथु निवासी हाफ़िज़ सफ़ीउल्लाह साहब ने तरावीह की नमाज़ पढ़ाई।
प्रतिदिन 20 रकात तरावीह की नमाज पढ़ाते हुए 27 वीं रमजान की शब को आखिरकार तरावीह मुकम्मल हुई। तरावीह की नमाज़ में कुरआन मुकम्मल होने की खुशी में प्रत्येक साल की तरह इस साल भी मस्जिद में प्रोग्राम आयोजित कर तरावीह पढ़ाने वाले हाफ़िज़ सफ़ीउल्लाह साहब को फूल मालाओं के साथ कपड़े व पैसे देकर सम्मानित किया गया। वहीं मस्जिद के इमाम मुमताज दानिश साहब एवं मोअज्जिन सलाहुद्दीन साहब को भी फूल मालाओं के साथ सम्मानित किया गया। इस दौरान मस्जिद नमाजियों से खचाखच भरा हुआ था और तरावीह में पूरी कुरआन पढ़ लेने वालों के चेहरे पर खास चमक थी। फिर सभी ने सामूहिक रूप से मुल्क में शांति व अमन की दुवाएं की। तरावीह की नमाज़ के बाद मौके पर उपस्थित मस्जिद के सेक्रेटरी एवं वाइस सेक्रेटरी ने कुरआन मुकम्मल होने पर सभी नमाजियों को बधाई दी। बाकी रमज़ान में तरावीह की नमाज में कुरआन मुकम्मल होने के बाद सुरह तरावीह पढ़ी जाएगी।
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