सीवान जिले में कालाजार मरीजों में आई कमी, अब महज 65 का इलाज
सीवान में कालाजार जैसी गंभीर बीमारी के मामलों में पिछले पांच वर्षों में लगातार गिरावट आई है। 2021 में 194 मरीज मिले थे, जो 2025 में घटकर 65 रह गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान और छिड़काव कार्यों के कारण यह सफलता मिली है। अभियान को सफल बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

(सीवानसे संदीप कुमार सिंह)। कालाजार जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी के उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है और इसका असर भी देखने को मिल रहा है। आंकड़े के अनुसार जिले में कालाजार के मामलों में पिछले पांच वर्षों में लगातार कमी आयी है। वर्ष 2021 में जिले में कुल 194 मरीज मिले थे, जो घटकर वर्ष 2022 में 114, वर्ष 2023 में 72, वर्ष 2024 में 67 व वर्ष 2025 में 65 रह गए हैं। यह गिरावट स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान, समय पर जांच व उपचार का असर है। यदि ब्लॉकवार आंकड़े पर भी गौर करें तो गोरेयाकोठी क्षेत्र में वर्ष 2021 में सर्वाधिक 61 मरीज मिले थे, जो 2025 में घटकर 12 रह गए।
महाराजगंज में 15 से घटकर 2, बसंतपुर में 11 से घटकर 2 व लकड़ी नबीगंज में 13 से घटकर 5 मरीज रह गए हैं। जबकि कई ऐसे भी प्रखंड हैं, जहां वर्ष 2025 में नए मरीज नहीं पाए गए। इसके ही आधार पर विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर इस वर्ष भी काम शुरू किया है। बताया गया है कि जिले में कुल 145 स्वास्थ्य उपकेंद्र, 138 पंचायत व 219 राजस्व गांव इस योजना में शामिल किए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 1 लाख 33 हजार 5 घरों व 4 लाख 34 हजार 561 कमरों में आईआरएस छिड़काव किया जाना है। इसके लिए कुल 41 टीमों का गठन किया गया है। अबतक करीब 26 हजार घरों में किया जा चुका है छिड़काव बताया गया कि कालाजार उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा छिड़काव अभियान की शुरूआत की गयी है। इस अभियान के तहत अबतक करीब 26 हजार घरों में छिड़काव किया जा चुका है। छिड़काव का उद्देश्य है कि बालू मक्खी को समाप्त कर कालाजार के प्रसार को रोका जा सके। जिले में यह अभियान 60 कार्य दिवसों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका तय की गई है। प्रत्येक आशा अपने क्षेत्र के लगभग एक हजार की आबादी को छिड़काव से दो दिन पूर्व इसकी जानकारी देंगी। इसके साथ ही छिड़काव के दिन दल के साथ घर-घर जाकर लोगों को सहयोग के लिए प्रेरित करेंगी। क्या कहते हैं पदाधिकारी जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. ओपी लाल ने बताया कि छिड़काव के दौरान यदि किसी गांव में नया कालाजार मरीज मिलता है तो उस क्षेत्र में 50 मीटर की परिधि में लगभग 250 घरों में फोकल छिड़काव कराया जाएगा। लोगों से अपील की है कि कालाजार उन्मूलन के इस अभियान को सफल बनाने के लिए छिड़काव दल को पूरा सहयोग दें, ताकि जिले को इस बीमारी से पूरी तरह मुक्त रखा जा सके। इन बातों का रखें विशेष ध्यान -छिड़काव से पहले घर की दीवारों में मौजूद छेद और दरारों को बंद कर दें। -घर के सभी कमरों, रसोईघर, पूजा घर और गोहाल की अंदरूनी दीवारों पर लगभग छह फीट तक छिड़काव कराया जाए। -छिड़काव से पहले भोजन सामग्री, बर्तन और कपड़ों को घर से बाहर सुरक्षित स्थान पर रख दें। -छिड़काव के बाद कम से कम दो घंटे तक घर में प्रवेश न करें। -छिड़काव के बाद ढाई से तीन महीने तक दीवारों पर लिपाई-पोताई न करें, ताकि कीटनाशक का असर बना रहे।
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