मछुआरों व मत्स्य पालकों के लिए विभाग कर रहा पांच लाख रुपये तक का बीमा
पूरा प्रीमियम वहन करेगा केन्द्र-राज्य सरकार, नहीं देना होगा मज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा, इसलिए मछली पालकों से कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता होने पर 5 लाख व...

पूरा प्रीमियम वहन करेगा केन्द्र-राज्य सरकार, नहीं देना होगा मछली पालकों को कोई शुल्क दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता होने पर 5 लाख, आंशिक विकलांगता पर ढाई लाख तक की आर्थिक सहायता अस्पताल में भर्ती होने या मामूली चोट लगने पर₹25 हजार रुपये तक का प्रावधान फोटो संख्या - 5 कैप्शन - जिले में नदी से मछली निकालते मछुआरा। सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में मछली पालन से जुड़े मछुआरों व मत्स्य पालकों ने विभाग ने एक बड़ी योजना शुरू की है। इस क्रम में मछली पालन से जुड़े सभी वर्गों के लोगों के लिए 5 लाख रुपए तक की सामूहिक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना लागू की गई है। इसका पूरा प्रीमियम केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा, इसलिए मछली पालकों से कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता होने पर 5 लाख व आंशिक विकलांगता पर ढाई लाख तक की आर्थिक सहायता दी जानी है। वहीं, अस्पताल में भर्ती होने या मामूली चोट लगने की स्थिति में भी₹25 हजार रुपये तक देने का प्रावधान है।
बीमा योजना का लाभ
जिला मत्स्य कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मत्स्य विभाग की योजनाओं का लाभ देने में दुर्घटना बीमा योजना में शामिल मछुआरों व आम मछली पालकों को प्राथमिकता दी जाएगी। बीमा योजना का लाभ लेने के लिए मछुआरों को निःशुल्क पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद विभागीय अधिकारी कागजातों की जांच कर संबंधित आवेदक का चयन करेंगे। जिले में हाल ही में इस योजना के तहत भारी संख्या में मछुआरों का चयन कर उन्हें कवर प्रदान किया गया है। बताया जा रहा कि योजना के तहत चयनित मछुआरों व मछली पालकों को तालाब से मछली निकालने के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना होने की स्थिति में उनके परिजनों को पांच लाख रुपए तक की सहायता राशि दी जाएगी। बहरहाल, जिले में एक वर्ष में 1450 मछुआरों का पिछले वित्तीय वर्ष में बीमा हो चुका है। वहीं, 1850 निजी मत्स्य पालकों में 150 निजी मत्स्य पालकों का बीमा किया गया है। बताया जा रहा कि मछली पकड़ने के दौरान कई मछुआरों व मछलीपालकों की कीट-पतंगों के काटने, पानी में डूबने समेत अन्य कारणों से मौत की बात अक्सर सामने आती है। इस स्थिति में अचानक से मौत के कारण परिवार के समक्ष आर्थिक संकट की समस्या खड़ी हो जाती है। लिहाजा इस प्रकार की समस्याओं से निपटने के लिए मत्स्य विभाग बीमा योजना का संचालित कर रहा है। इसका उद्देश्य मछली पालन से जुड़े लोगों का बीमा करते हुए दुर्घटना की स्थिति में उनके परिजनों को आर्थिक संकट से उबारना भी है।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
मत्स्य विभाग के एनएफ डीसी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन शुरू जिले में मछली पालन करने वाले सभी वर्गों के लोगों के लिए पांच लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक मछुआरा व मत्स्य पालक मत्स्य विभाग के एनएफ डीसी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करेंगे। आवेदक की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं, दुर्घटना बीमा का लाभ विभाग सामूहिक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत देगा। आवेदन के साथ आवेदक मछुआरों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक व मछली पालन से संबंधित दस्तावेज जमा कररा होगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद इन कागजातों की जांच की जाएगी। मत्स्य विभाग के फिल्ड अधिकारी संबंधित मछली पालक या मछुआरे के तालाब का निरीक्षण करेंगे। आदेदन में दर्शाए गए सभी तथ्य सही पाए जाने पर योजना के तहत आवेदन करने वाले लोगों का पंजीकरण किया जाएगा।
जिला मत्स्य पदाधिकारी का बयान
जिला मत्स्य पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि जिले में मछली पालन करने वाले सभी वर्गों के लोगों और मछुआरों का पांच लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा कराया जा रहा है। इसके लिए एनएफ डीसी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। योजना का लाभ लेने को इच्छुक मछली पालक व मछुआरे विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। दुर्घटना बीमा का लाभ विभाग सामूहिक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत देगा।
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