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11 अगस्त, 2020|6:02|IST

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श्रीविधि से धान की रोपनी कर पैदावार पाएं दूना

कृषि फार्म रघुनाथपुर में गुरुवार को संयुक्त कृषि निदेशक और डीएओ की मौजूदगी में श्रीविधि से धान की रोपनी की गई। विभाग की इस महत्वकांक्षी योजना पर बल देते हुए अधिकारियों ने किसानों से भी इस विधि को अपनाने और पैदावार दुगुना पाने का सुझाव दिया। इस तकनीक से धान की रोपनी के लिए अधिकारियों और कर्मियों का दल मजदूरों के साथ जब कृषि फार्म में उतरा तो इसे देख लोग हैरान हो गए। दोपहर में तपती धूप में कृषि फार्म की भूमि में कुछ की समय में चार-पांच कट्ठे तक रोपनी पूरी हो गयी। हालांकि बाद में महिला मजदूरों ने रोपनी पूरी की। कृषि फार्म की करीब साढे 9 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली भूमि धान के अलावा अरहर व मक्के की खेती के लिए भी उपयुक्त है। संयुक्त कृषि निदेशक विजेन्द्र चौधरी और जिला कृषि पदाधिकारी जयराम पाल ने इस दौरान कृषि कर्मियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की।

एक एकड़ में दो किलोग्राम चाहिए बीज

संयुक्त कृषि निदेशक ने कहा कि एक एकड़ में श्रीविधि से खेती के लिए दो किलोग्राम बीज की जरूरत होती है। इस नई तकनीक से लगाये गए बिचड़े 10 से 12 दिन में ही रोपनी के लिए तैयार हो जाते हैं। इससे पैदावार भी दूना होता है। कहा कि राज्य में इस तकनीक का बेहतर प्रयोग हुआ है। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी शत्रुध्न साहू ने फार्म के विभिन्न क्षेत्रों का मौके पर जायजा लिया। कृषि फार्म के इंचार्ज और कृषि समन्वयक शम्भु प्रसाद को कई जरूरी निर्देश दिया। कहा कि कृषि फार्म की इस जमीन में बेहतर उत्पादन कर किसानों को प्रेरक संदेश दिया जा सकता है। मौके पर कृषि समन्वयक डॉ. शंकर शर्मा, अगस्त प्रकाश सिंह, राम मनोहर, धर्मेन्द्र गुप्ता, अरूण कुमार, किसान सलाहकार प्रदीप कुमार, नवीन पांडेय, अमित कुमार, रामबाबू कुंवर, ओमप्रकाश चौरसिया, अमरेन्द्र पांडेय, उपेन्द्र साह व जितेन्द्र तिवारी थे।

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  • Web Title:Get twice the sowing of paddy from shrividhi