DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   बिहार  ›  सीवान  ›  वर्षों से उद्घाटन की बाट जोह रहा उपस्वास्थ्य केंद्र का भवन
सीवान

वर्षों से उद्घाटन की बाट जोह रहा उपस्वास्थ्य केंद्र का भवन

हिन्दुस्तान टीम,सीवानPublished By: Newswrap
Wed, 16 Jun 2021 06:50 PM
वर्षों से उद्घाटन की बाट जोह रहा उपस्वास्थ्य केंद्र का भवन

पेज पांच की लीड, घंटी बजाओ

उपेक्षा

उचित देखरेख के अभाव में भवन में लगे दरवाजा व खिड़की असामाजिक तत्व उखाड़ ले गए

भवन का दरवाजा व खिड़की गायब

असामाजिक तत्वों का बन गया अड्डा

10 साल से भी अधिक समय से भवन तैयार

फोटो- 19 महाराजगंज के बलिया पट्टी गांव में वर्षों से बनकर तैयार उपस्वास्थ्य केंद्र का भवन।

महाराजगंज। संवाद सूत्र

प्रखंड के माधोपुर पंचायत के बलिया पट्टी गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र का भवन वर्षों से बनकर तैयार है। लेकिन आजतक न उद्घाटन हुआ और न हीं उपस्वास्थ्य केंद्र चालू हुआ। जबकि इस गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र किराए के मकान में चलता है। विभागीय लापरवाही के चलते भूमिदाता स्व. वृजनंदन सिंह का सपना आजतक अधूरा है। वहीं अस्पताल के चालू नहीं होने से भवन असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। भारतीय किसान संघ के प्रांत उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, मुखिया शांति देवी, पैक्स अध्यक्ष श्रीनिवास सिंह, सुदामा सिंह, गुल मोहम्मद, क्यामुद्दीन, ओम सिंह, मनन मिश्रा, हरेंद्र सिंह, मुन्ना सिंह, रवि ठाकुर, दिलीप पड़ित, गांधी कुशवाहा, बंका यादव, शंभु सिंह, कविंद्र सिंह, अमर सिंह काका, संजय सिंह, मैना देवी, ममता देवी, नीला देवी, संगीता देवी, प्रभा सिंहा, शारदा देवी व सीमा देवी ने बताया कि दस साल से भी अधिक समय से भवन बनकर तैयार है। लेकिन, आजतक अस्पताल चालू नहीं हुआ। भवन असामाजिक तत्वों का स्थाई अड्डा बन गया है। उचित देखरेख के अभाव में भवन में लगे दरवाजा व खिड़की असामाजिक तत्व उखाड़ ले गए।

दो हजार से अधिक की आबादी को होगा लाभ

बलिया पट्टी में उपस्वास्थ्य केंद्र के लिए बने भवन में अस्पताल के चालू हो जाने से दो हजार से अधिक की आबादी को लाभ होगा। अस्पताल के चालू हो जाने से बलिया पट्टी गांव के साथ ही गौर बुजुर्ग व धनपुरा गांव के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिलने लगेगी। इन गांवों के लोगों को स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए दूसरे गांव में जाना पड़ता है। तीनों गांवों को मिलाकर दो हजार से अधिक की आबादी है।

भूमिदाता का सपना राह गया अधूरा

अस्पताल के चालू नहीं होने से भवन बनने के लिए जमीन दान देने वाले बलिया पट्टी गांव के वृजनंदन सिंह का सपना अधूरा रह गया है। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखकर जमीन दान दिया था। इस सोच के साथ कि अस्पताल बन जाने से गांव के लोगों को अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि वृजनंदन सिंह नेक दिल व दूरदर्शी सोच वाले इंसान थे। अस्पताल बनने के लिए जमीन दान देने में देरी नहीं की। भवन के बन जाने बाद वे अस्पताल के चालू होने की राह देखते रहे। लेकिन, विभागीय लापरवाही ने उनके सपने को पूरा नहीं होने दिया।

------------------------------------------------------------

संबंधित खबरें