बेखौफ चल रहा है खाद पदार्थों में मिलावट का खेल
गुठनी में खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल जारी है। खाद्य सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी से मिलावटखोरों के हौसले बढ़ गए हैं। बाजारों में मिलावट की शिकायतों के बावजूद कोई जांच नहीं हो रही है, जिससे लोगों की सेहत पर खतरा है। अधिकारियों का कहना है कि कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।

गुठनी, एक संवाददाता। प्रखंड में खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल लगातार जारी है। खाद्य सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन इस मामले में लगातार अनदेखी कर रहा है। जिससे मिलावटखोरों के हौसले सातवें आसमान पर है। प्रखंड से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मिलावटखोरों का गैंग सक्रिय है। जिस पर विभागीय अधिकारी नकेल कसने में पूरी तरह असफल साबित हो रहे हैं। वही इन खाद्य पदार्थों में मिलावट की वजह से आम आदमी के जीवन को भी खतरा है। बावजूद प्रखंड में खाद्य सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं करना अपने आप में एक बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।
प्रखंड के मुख्य बाजारों में पटेल चौक गुठनी बाजार तेंनूआ मोड़, गुठनी चौराहा, सेलौर बाजार, बलुआ बाजार, जतौर, धनौती, निमतल्ला चौक, शामिल है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने आज तक नहीं की जांच प्रखंड में खाद्य पदार्थों में मिलावट की सूचना के बावजूद भी विभाग द्वारा आज तक कोई जांच नहीं किया गया। जिससे मिलावटखोरी अपने चरम पर है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कार्रवाई नहीं होने से सभी खाद्य पदार्थों का गहनता से जांच नहीं हो पाता है। जिससे आए दिन लोग कई तरह की बीमारियों से जूझते फिरते हैं। सीओ डॉ विकास कुमार का कहना है कि हमें इसकी कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। अगर इसकी लिखित शिकायत मिलती है तो इससे संबंधित विभाग को फॉरवर्ड कर दिया जाएगा। इन खाद्य पदार्थों में होती है सार्वधिक मिलावट खाद्य पदार्थों में छेने की मिठाई बेसन के लड्डू, पेड़ा, पनीर, दूध से बनी मिठाईयां जैसे खाद्य पदार्थों में सबसे अधिक मिलावट हो रहा है। ऐसे में उचित मूल्य वसूल कर दुकानदार ग्राहकों को मिलावट भरा सामान बेच रहे हैं। जिससे लोगों को की सेहत भी खराब हो रही है वही प्रखंड के होटलों में पनीर व मिठाइयों में खुलेआम मिलावट की पुष्टि भी हो चुकी है। ग्राहक की सेहत से खेल रहे है दुकानदार प्रखंड में मांस विक्रेता भी ग्राहकों की सेहत से लगातार खेल रहे हैं। उनके द्वारा बिना स्वास्थ्य परीक्षण व गंदगी के बीच बकरे और मुर्गे को काटकर उसका मांस बेचा जा रहा है। ऐसे में लोग मांस का सेवन कर आए दिन बीमार पड़ रहे हैं। हालांकि इसकी कई बार शिकायत लोगों ने स्थानीय प्रशासन से किया। जिसके खिलाफ सीओ डॉ विकास कुमार व थानाअध्यक्ष सुनील कुमार ने भी दुकानदारों को कड़ी हिदायत दिया। दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। थानाअध्यक्ष सुनील कुमार का कहना है कि इससे संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी लिखित शिकायत करने पर ही मामले का समाधान हो पाएगा।
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