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बिस्कोमान भवन में खत्म हो गया यूरिया, परेशान किसान

बिस्कोमान भवन में खत्म हो गया यूरिया, परेशान किसान

संक्षेप:

गुठनी प्रखंड में पिछले एक माह से यूरिया का आवंटन नहीं हुआ है, जिससे किसान परेशान हैं। केवल 500 बोरी यूरिया आई थी, जो तीन दिनों में बांट दी गई। गेहूं और सरसों की फसलों में यूरिया डालने की सख्त जरूरत है, लेकिन किसान महंगे दाम पर यूरिया खरीदने को मजबूर हैं।

Dec 08, 2025 02:56 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीवान
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गुठनी, एक संवाददाता। प्रखंड में पिछले एक माह से यूरिया का आवंटन नहीं हुआ है। विभाग की माने तो 500 यूरिया की बोरी ही मिल पाई थी। जिसको सिर्फ तीन दिनों में ही किसानों में बांट दिया गया। हालांकि अधिकतर किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। जिससे अधिकतर किसान हलकान है। अभी गेहूं और सरसों की फसल में खाद डालने की सख्त जरूरत है। लेकिन, किसान असमंजस में पड़े हुए हैं। वह सरकारी दर पर खाद की उपलब्धता को लेकर गुठन, मैरवा, दरौली के बिस्कोमान भवन पर टकटकी लगाए बैठे हैं। जबकि सभी व्यापार मंडल और पैक्स समिति से भी यूरिया प्राप्त की उम्मीद ना के बराबर है।

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हालांकि बिस्कोमान के मैनेजर विवेक कुमार से पूछने पर बताया कि अभी आवंटन की कोई उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि किसान उम्मीद ले कर सुदूर ग्रामीण इलाकों से रोज बिस्कोमान भवन आ रहे हैं। यूरिया न मिलने से वह निराश होकर वापस भी लौट रहे हैं। किसानों की माने तो गेहूं की फसलों में डालने के लिए यूरिया की आवश्यकता जरूरत पड़ी है। हालांकि खुले बाजार में अधिक दाम पर यूरिया उपलब्ध है। किसान मजबूरी में उन्हें अधिक मूल्य पर खरीद रहे हैं। यूरिया मिलने की नहीं दिख रही है कोई उम्मीद प्रखण्ड में बिस्कोमान और सहकारी समितियां में यूरिया नदारत है। यह समस्या विगत एक माह से बरकरार है। मिली जानकारी के अनुसार बिस्कोमान को महज दो रेक यूरिया सरकारी स्तर पर उपलब्ध कराई गई है। बिस्कोमान के मैनेजर विवेक कुमार ने बताया कि यूरिया की लॉट जिले से कम मिली है। इसके बाद से स्थिति बद से बदतर हो गई है। खाद की समस्या से चारों तरफ लोग जहां जूझ रहे हैं। वहीं गेहूं की फसल में यूरिया डालने का काम पूरी तरह बाधित हो रहा है। बाजार में यूरिया खाद के लिए देना पड़ रहा है अधिक दाम प्रखंड के आधा दर्जन बाजारों में खाद की प्रचुर उपलब्धता है। लगभग हर दुकान में यूरिया भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। जिसकी पुष्टि प्रखंड कृषि विभाग के आंकड़ों के साथ की जा रही है। लेकिन दुकानदार अधिक कमाई के फेर में किसानों को परेशान करने में तुले हुए हैं। पहले तो यूरिया गायब रहने की बात कही जाती है, और फिर किसानों के गिड़गिड़ाने पर अधिक दाम लेकर कहीं से किसी प्रकार जुगाड़ कर खाद देने की बात कह कर दुकानदारों द्वारा किसानों को बरगलाया जा रहा है। क्या कहते हैं बीएओ बीएओ सुशील चौधरी का कहना है कि किसानो के लिखित शिकायत मिलने के बाद जांच होगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित दुकानदार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।