
गुठनी में किसानों को निबंधन कराने में हो रही है परेशानी
गुठनी में किसानों को फार्मर आईडी और केवाईसी के लिए अफरातफरी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार के निर्देश पर पंचायत भवनों में कैंप लगाए गए हैं, लेकिन सर्वर डाउन और अन्य समस्याओं के कारण किसानों को कई तरह की असुविधाएं हो रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक निर्देश दिए गए हैं ताकि लाभार्थियों को वंचित न होना पड़े।
गुठनी, एक संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय में इन दोनों फार्मर आईडी और केवाईसी के लिए अफरातफरी का माहौल है। राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा प्रखंड मुख्यालयों के पंचायत भवन पर कैंप लगाकर फार्मर आईडी और केवाईसी किया जा रहा है। हालांकि इस दौरान किसानों को कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इनमें अधिकतर किसानों के पास खुद के नाम से जमाबंदी न होना, आधार से मोबाईल लिंक न होने, पासबुक में नाम गलत होना, बैंक से आधार कार्ड का लिंक न होना, जमाबंदी में त्रुटियां शामिल हैं। किसान इस बात से परेशान हैं कि कपकपाती ठंड में वे गेहूं की सिंचाई करे।
फॉर्मर आईडी बनवाने के लिए लाइन में लगे। सीओ डॉ विकास कुमार ने बताया कि इसके लिए राजस्व कर्मचारी को लगाया गया है। इसकी रिपोर्ट ली जा रही है। कही आधार से लिंक तो कही सर्वर डाउन से परेशानी पंचायत भवन पर कैंप लगाकर फार्मर आईडी बनाने में सर्वर डाउन का सामना कर्मियों को करना पड़ रहा है। कई बार एक ही लाभुक के आईडी बनाने में लग जा रहा है। तो कई बार सर्वर फेल होने से परेशानी हो रही है। जिससे किसान वापस लौट रहे हैं। जानकारी के अनुसार फॉर्मर आईडी बन जाने से किसानों को बार बार कागजात और भाग दौड़ से मुक्ति मिल जाएगी। किसानों का आरोप है कि सरकार कभी कुछ तो कभी कुछ निर्देश दे रही है। जिससे काफी परेशानी हो रही है। बीडीओ नवनीत नमन ने बताया कि किसानों को इस योजना के लाभ के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ताकि इस योजनाओं से कोई भी लाभुक वंचित न हो। जमीन संबंधी कार्य में हो रही है असुविधा फार्मर आईडी बनाने में जहां राजस्व कर्मचारी और राजस्व निरीक्षक को लगाया गया है। जिसे खारिज दाखिल, नामांतरण, जमीन संबंधी मामले की जांच, आय, जात, निवास समेत कई महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। जिससे भी लोगों को कई तरह की सुविधा हो रही है। लोगों का आरोप है कि जब सरकार के पास सारी वैकल्पिक व्यवस्थाएं हैं। फिर एक के बाद एक इस तरह के आदेश क्यों दिए जा रहे हैं। क्या कहते हैं सीओ सीओ डॉ विकास कुमार ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद राजस्व कर्मचारी और राजस्व निरीक्षक को कार्य में लगाया गया है। जमीन संबंधित कार्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं के तहत किया जा रहे हैं।

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