Siwan News गुठनी: मानसून की बेरुखी से खरीफ फसलों पर सूखे की असर से किसान चिंतित
Siwan News गुठनी प्रखंड में मानसून की बेरुखी के कारण खरीफ फसलों पर सूखे का गंभीर असर पड़ा है। जुलाई में औसतन 292.4 मिलीमीटर बारिश हुई है, जिससे किसान चिंतित हैं। धान की फसल सूखने के कगार पर है और किसानों ने सरकारी अधिकारियों से उचित उपाय करने की अपील की है।

Siwan News गुठनी: मानसून की बेरुखी से खरीफ फसलों पर सूखे की असर से किसान चिंतित : जुलाई महीने में 12 दिनों में सिर्फ 292.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है : प्रखण्ड मुख्यालय में कम हुई बारिश से किसानों को फसल सूखने की सता रही है चिंता : जुलाई महीने में बढ़िया से नही हुई बारिश से फसलों को नहीं मिल पाई संजीवनी गुठनी, एक संवाददाता। गुठनी प्रखंड मुख्यालय में इस बार मानसून की बेरुखी से खरीफ फसल के उत्पादन पर असर पड़ने के आसार स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ने लगे हैं। जुलाई महीने में औसतन कम बारिश हुई है। जिससे पोखर, तालाब, नहर सब सुख पड़े हैं। इस कारण किसानो की चिंता बढ़ती जा रही है। वही धान के फसल अब सूखने के कगार पर है। किसानो ने डीएम, एडीएम, एसडीओ, बीडीओ, सीओ से तत्काल उचित व्यवस्था करने की अपील किया है। प्रखण्ड मुख्यालय स्थित सांख्यिकी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जुलाई महीने में 12 दिन बारिश हुई है। इन 12 दिनों में 292.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जबकि दरौली में 12 दिन में 375.8 मिली बारिश हुई है।
धूप और उमस से धान की फसल पर पड़ा है असर
गुठनी में धूप व उमस से धान की फसल पर किट व बीमारियों का प्रभाव भी बढ़ रहा है। खासकर मधुआ किट और कई जगहों पर वैक्ट्रियल लीफ ब्लाइट रोग का प्रकोप फसलों पर देखा जा रहा है। किसान इससे पूरी तरह चिंतित है। लोगो में अरविंद कुमार सिंह, कन्हैया कुमार, शिवजी दीक्षित, हरिशंकर तिवारी, सत्यप्रकाश विश्वकर्मा, कमलेश कुमार, मुकेश पांडेय, शत्रुघ्न उर्फ शक्ति दुबे, धनंजय मिश्रा ने डीजल अनुदान की मांग की है। डिजल अनुदान की किसानो को है इंतजार प्रखण्ड मुख्यालय के करीब 2 दर्जन गांवो में धान की खेती की खेती की जाती है। जिनमे सेलौर, बेलौर, केलहुरुआ, कोढवलिया, ओदिखोर, बाजीदही, सुरुआर गुण्डी, कुडेसर, चकिया, भलुआ, पचनेरुआ, रेवासी, खाप जतौर, जतौर गांव शामिल हैं। वही पूरे प्रखण्ड मुख्यालय में किसानो को डीजल अनुदान का इंतजार है।
क्या कहते हैं बीएओ
बीएओ सुशील चौधरी का कहना है की कृषि विभाग द्वारा किसानों को धान का बीज वितरित किया गया है। वही किसानों को धान की खेती के लिए भी जागरूक किया जाता है।


