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हिंदी न्यूज़ बिहार सीवानआल्हा-ऊदल का चित्रण कर दर्शकों में भर दिया जोश

आल्हा-ऊदल का चित्रण कर दर्शकों में भर दिया जोश

हिन्दुस्तान टीम,सीवानNewswrap
Wed, 27 Oct 2021 06:40 PM
आल्हा-ऊदल का चित्रण कर दर्शकों में भर दिया जोश

युवा के लिए

रावण वध

सरसर गांव में आल्हा-उदल नाटक का मंचन

वर्षो से चली आ रही परंपरा के तहत आयोजन

सीवान। हिन्दुस्तान संवाददाता

सदर प्रखंड के सरसर गांव में वर्षो से चली आ रही परंपरा के तहत इस वर्ष भी छह दिवसीय रामलीला का विजयादशमी के दिन से आयोजन शुरू हुआ। अंतिम दिन एतिहासिक नाटक आल्हा-उदल का मंचन किया गया। इसे देखने दूर-दराज से लोग पहुंचे थे। निर्देशक सह बीसीओ बैकुंठ सिंह व सह निर्देशक उमेशचंद्र सिंह के निर्देशन में विभिन्न पात्रों की भूमिका अदा कर रहे स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दोनों योद्धाओं के चित्रण का मंचन कर दर्शकों में जोश भर दिया। आल्हा की भूमिका में शिक्षक राजन सिंह, ऊदल डॉ. रविशंकर सिंह, मलखान विवेक कुमार, ब्रह्मा रितिक कुमार, ढेबा रजनीश कुमार, महिल पंकज साह, देवला अभिषेक चौबे, जम्बे वीरेंद्र कवि, रायकारिंगा लव कुमार, सूरज धनेश कुमार अधिवक्ता, मल्हाह दे अनूप कुमार व राजकुमारी विजयसेना की भूमिका में अंशु कुमार ने अपने अभिनय से सभी का मन मोह लिया। आयोजक व शहर के डीएवी पीजी कॉलेज के केमेस्ट्री विभाग के अवकाशप्राप्त प्राध्यापक प्रो. रामचंद्र सिंह ने बताया कि आल्हा-उदल नाटक व रामलीला में गांव के कलाकारों ने ही सभी पात्रों को निभाया है। सभी वाद्य यंत्र व साजो सामान स्थानीय है। सदियों से चली आ रही परंपरा को प्रतिवर्ष अंजाम दिया जाता है, सभ्यता व संस्कृति बरकरार रखने की यह परंपरा है। इससे पहले 24 अक्टूबर को रामलीला में रावण वध का आयोजन किया गया था।

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