रोजेदारों की तमन्ना रहती है कि पाक व बा-बरकत रमजान महीना हमें नसीब हो: मौलाना काशिफ रज़ा
हसनपुरा में रमजान उल मुबारक का अंतिम चरण चल रहा है। छोटे बच्चे भी रोजा रखकर इबादत कर रहे हैं। मौलाना काशिफ रज़ा ने रोजेदारों के लिए दुआएं कीं और सादगी से ईद मनाने की अपील की। रमजान के दौरान रोजेदारों के चेहरे पर खुशी है, और वे अल्लाह से दुआ कर रहे हैं कि अगले साल भी रोजा रखने की तौफीक मिले।

हसनपुरा, एक संवाददाता। रमजान उल मुबारक माह अंतिम दिनों में चल रहा है। जहां प्रखंड अंतर्गत 25 वां रोजा रविवार को रोजेदारों ने रख खुदा की इबादत की। इस बार रमजान के पाक व बा-बरकत महीने के हर एक रोजे को छोटे छोटे मासूम रोजेदारों भी रोजा रख अपने बड़ों के साथ इबादत पूरा कर रहे हैं। वहीं मौलाना काशिफ रज़ा ने कहा कि पूरे इलाके में इस बार के रमजान उल मुबारक माह में मासूम बच्चे रोजे रख इबादत को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने वैसे रोजेदारों के लिए खुदा से दुआए मगफिरत करते हुए कहा कि वैसे मासूम और बुजुर्ग जो कि रमजान के मौके से रोजे रख खुदा की इबादतें की अल्लाह उन्हें सेहतेयाब और तंदुरुस्ती अता करे।
वहीं नौजवानों के लिए भी दुआए मगफिरत करते हुए कहा कि इस पाक व बा-बरकत महीने में रोजे की अहमियत समझ, मिल्लत और दीनी पैग़ाम पर अमल करते हुए अपने मां बाप और अन्य रिश्तेदारों के साथ इबादत की अल्लाह उन्हें भी तौफीक अता करे। यह भी कहा कि जब रोजेदार सभी रोजे रख अपने नफ़स पर काबू रखते हुए इबादत करता है और जैसे ही ईद का चांद का दीदार होता है। उसकी आंखें खुशी से झलक पड़ती है, और खुदा के आगे अपने दोनों हाथ जोड़ते हुए खुदा से दुआ करने लगता है। कहता है ए परवर दिगार मेरे सभी रोजे को कबूल फरमाए और आने वाले अगले साल के रमजान के लिए जिंदगी और तंदुरुस्ती के लिए दुआ मांग यह भी कहता है कि फिर से आने वाले रमजान में रोजे रखने की तौफीक अता फरमाए। रमजान मुकम्मल हो चुका है। हर रोजेदारों के चेहरे पर ईद के दिन नूर बरसता है। अल्लाह हर रोजेदारों की दुआ कबूल फरमाता है। वहीं उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील करते हुए सादगी, भाईचारगी के साथ साथ जरूरतमंदों का ख्याल करते हुए इस बार की ईद मनाने की अपील की है।
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