
मिलों को धान नहीं देने वाली 35 समितियों को स्पष्टीकरण
जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने 35 समितियों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है। पिछले खरीफ सीजन में चावल आपूर्ति के बाद, इन समितियों ने मिलरों को धान हस्तांतरित नहीं किया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यह लापरवाही समितियों के कार्यों और आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रही है।
- जिला सहकारिता पदाधिकारी ने 24 घंटे में चावल आपूर्ति के बाद मिलरों को धान नहीं देने वाली समितियों से मांगा जवाब - जवाब संतोषजनक नहीं होने पर की जा सकती है कार्रवाई सीवान, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने पिछले खरीफ सीजन में चावल आपूर्ति के बाद संबद्ध मिलों को धान हस्तांतरित नहीं करने वाली 35 समितियों को स्पष्टीकरण किया है। साथ ही 24 घंटे में जवाब मांगा है। उन्होंने जारी पत्र में कहा है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय निर्देशानुसार कार्रवाई की जा सकती है। गौर करने वाली बात है कि तीन नवंबर को आयोजित विभागीय विडियो कान्फ्रेंसिंग में खरीफ विपणन मौसम 2024-25 अन्तर्गत सीएमआर आपूर्ति के विरूद्ध धान हस्तानांतरण की समीक्षा की गई थी।

इसमें जिले में पैक्स व व्यापार मण्डलों द्वारा सीएमआर आपूर्ति के विरूद्ध संबंधित मिलर को शत-प्रतिशत धान हस्तांतरण नहीं करने के कारण संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार, पटना के द्वारा काफी नाराजगी व्यक्त की गई थी। समितियों को शत-प्रतिशत धान मिलर को हस्तांतरित करने के लिए पूर्व में भी निदेशित किया गया था। परन्तु सीएमआर आपूर्ति के 45 दिनों के बाद भी मिलर को शत-प्रतिशत धान हस्तगत नहीं कराया गया। इससे समितियों के कार्यों के प्रति लापरवाही, स्वेच्छचारिता एवं वरीय पदाधिकारियों के अवहेलना साफ-साफ दिख रही है। इसको लेकर समिति को आर्थिक नुकसान उठाना पड रहा है, जो समिति हित के विरूद्ध है। इसलिए उक्त के आलोक में अपना स्पष्टीकरण 24 घण्टें के अन्दर देना सुनिश्चित करें।

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