दावों के बीच सुलग रही बसंतपुर की झुग्गी बस्तियां, बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे
बसंतपुर नगर पंचायत क्षेत्र में झुग्गी बस्तियों की स्थिति बेहद खराब है, जहां परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। वार्ड 10 और करही टोले में हालात चिंताजनक हैं, जहां पानी, बिजली और सफाई की समस्या है। नगर पंचायत अधिकारियों का कहना है कि वे समस्याओं के समाधान के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं।

बसंतपुर, एक संवाददाता। नगर पंचायत क्षेत्र में विकास के तमाम दावों और कागजी योजनाओं के बीच झुग्गी बस्तियों की जमीनी तस्वीर आज भी बेहद बदहाल है। बसंतपुर नगर पंचायत क्षेत्र में करीब 20 छोटी-बड़ी झुग्गी बस्तियां हैं, जहां सैकड़ों परिवार आज के आधुनिक दौर में भी मूलभूत सुविधाओं के घोर अभाव में जीवन यापन कर रहे हैं। इन बस्तियों में रहने वाले महादलित और गरीब परिवारों को शुद्ध पेयजल, नियमित बिजली, पक्की नाली और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं भी पूरी तरह नसीब नहीं हैं।
झुग्गी बस्तियों की स्थिति
वार्ड 10 और करही टोले में सबसे बुरा हाल स्थानीय पड़ताल के अनुसार, नगर पंचायत के वार्ड संख्या 10 स्थित ब्लॉक परिसर कृषि विभाग के समीप की झुग्गी बस्ती तथा वार्ड संख्या दो और सात के करही में बसे झुग्गी टोले की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। यहां कच्चे मकानों और तिरपाल के सहारे रहने वाले परिवार बारिश के दिनों में सबसे अधिक परेशान होते हैं। थोड़ी सी बारिश होते ही जगह-जगह जलजमाव हो जाता है, जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह मुश्किल हो जाता है। चारों तरफ फैली गंदगी के कारण हमेशा संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराता रहता है।
चापाकल और बिजली की स्थिति
खराब पड़े हैं चापाकल, जर्जर तारों से मिल रही बिजली बस्ती के लोगों का कहना है कि अधिकांश परिवार पानी के लिए सार्वजनिक चापाकलों पर निर्भर हैं। इनमें से भी कई जगहों पर चापाकल महीनों से खराब पड़े हैं। इसकारण, महिलाओं को दूर-दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है। बस्तियों में नियमित सफाई नहीं होने से नालियां पूरी तरह जाम हैं। कूड़े-कचरे के ढेर और गंदे पानी से चौबीसों घंटे दुर्गंध फैली रहती है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं, बिजली के नाम पर सिर्फ जर्जर तार लटक रहे हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है। कई परिवार आज भी अस्थायी और खतरनाक व्यवस्था के सहारे रोशनी का इंतजाम करने को मजबूर हैं।
सड़कों और जलजमाव की समस्या
कच्ची सड़कें और जलजमाव ने बढ़ाई मुसीबत बस्तियों तक जाने वाले रास्ते पूरी तरह कच्चे हैं। हल्की बारिश में भी ये रास्ते कीचड़ और मलबे में तब्दील हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा समय-समय पर बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन इन बस्तियों के समग्र विकास के लिए अब तक कोई ठोस और ईमानदार पहल धरातल पर नहीं दिखी है।
अधिकारियों का बयान
अधिकारी का कहना है नगर पंचायत के ईओ मो. कामरान का कहना है कि झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर पंचायत योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। जिन वार्डों और टोलों में चापाकल, नाली या सड़क की गंभीर समस्या है, वहां प्राथमिकता के आधार पर जल्द ही समाधान का प्रयास किया जाएगा।
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