
सरकारी नलकूपों की स्थिति खास्ताहाल, निजी के भरोसे किसान
रघुनाथपुर जिले में सरकारी नलकूपों की स्थिति खराब है। 247 नलकूपों में से 165 बंद हैं, जिससे किसान निजी नलकूपों पर निर्भर हैं। सिंचाई की लागत बढ़ने से खेती महंगी हो रही है। पंचायतों को रख-रखाव की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उनकी रुचि नहीं होने से हालात और खराब हो गए हैं।
रघुनाथपुर, एक संवाददाता। जिले में स्थापित सरकारी नलकूपों में अधिकतर की स्थिति काफी खस्ताहाल है। अधिकतर जगहों पर मौजूद नलकूप शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं। इस वजह से किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नलकूपों की खास्ताहाल स्थिति और इसका संचालन नहीं होने से किसान पूरी तरह से निजी नलकूप पर ही निर्भर हैं। लघु जल संसाधन विभाग के लघु सिंचाई प्रमंडल, सीवान के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 247 नलकूप हैं। इनमें से 165 से ज्यादा ही नलकूप बंद हैं। जो नलकूप चालू स्थिति में हैं, उसका संचालन करने वाला कोई नहीं है।
किसानों को डीजल इंजन वाले पंपसेट से रबी सीजन की फसल गेहूं, सरसों, मक्का आदि की सिंचाई करनी पड़ रही है। सिंचाई पर ही लागत खर्च अधिक होने से खेती करना किसानों के लिए काफी महंगा हो जा रहा है। जिले में 1 लाख 31 हजार हेक्टेयर में रबी सीजन की फसलों की खेती करने का लक्ष्य कृषि विभाग ने तय किया है। जिले में कुल स्थापित 247 नलकूपों में से जो खराब हैं, इनमें कई में यांत्रिक उपकरण ही खराब हो चुके हैं। कहीं पर विद्युत की सप्लाई नहीं होने के कारण चालू नहीं हुआ है तो कहीं विद्युत सप्लाई के लिए लगाए गए ट्रांसफार्मर ही खोल लिए गए हैं। कुछ जगह सब ठीक-ठाक तो है, लेकिन इसका संचालन करने वाला कोई बहाल नहीं है। इसके कारण सरकारी नलकूपों की स्थिति खास्ताहाल हो गई है। हालांकि, खराब पड़ चुके इन सरकारी नलकूपों के रख-रखाव की जिम्मेदारी पंचायतों को पांच-छह साल पहले ही दी गयी थी। लेकिन, पंचायतों के मुखिया इसमें दिलचस्पी ही नहीं लिए। फलत: अधिकतर नलकूप आज भी बंद स्थिति में हैं। 2007-08 में नाबार्ड की सहायता लगे थे कई नलकूप वित्तीय वर्ष 2007-08 में नाबार्ड की सहायता से जिले के बड़े पैमाने पर नए सरकारी नलकूप स्थापित किए गए। लेकिन, इनमें अधिकतर आज तक किसानों के काम नहीं आए। इन नलकूपों के निर्माण में 54 से 55 लाख रूपये खर्च हुए थे। रघुनाथपुर प्रखंड के गभीरार गांव में एक, करसर पंचायत के गोन्हरिया में एक, संठी गांव में दो, राजपुर गांव में एक, निखती कला गांव में दो, निखती खुर्द गांव में एक व सलेमपुर गांव में एक नलकूप स्थापित है। इसमें संठी गांव में स्थापित नलकूप ही किसानों के काम आ रहे हैं। निखती कलां पंचायत के तीन नलकूपों में एक ही सही स्थिति में है। जिसका चार-पांच दिन पहले ट्रायल हुआ। वहीं निखती खुर्द गांव में लगाए गए नलकूप का ट्रांसफार्मर ही पिछले साल चोर खोल ले गए। बोरिंग के अंदर डाला गया पानी निकालने वाला यंत्र भी मौजूद नहीं है। किसान शंभुनाथ राय का कहना है कि सरकार निजी बोरिंग के पास तक पोल-तार पहुंचा दे तो किसानों को काफी सहुलियत होगी।

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