अवकाश प्राप्त शिक्षक संघ ने की जेपीयू कुलपति से हस्तक्षेप की मांग
सीवान के डीएवी पीजी कॉलेज के शिक्षकों ने प्राचार्य डॉ. रामानंद राम की कार्यशैली की निंदा की और कुलपति से हस्तक्षेप की मांग की। सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. तनवीर अख्तर नूर की पेंशन से संबंधित शिकायत पर भी आपत्ति जताई गई। शिक्षकों ने प्राचार्य पर महिला उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।

सीवान। जयप्रकाश विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई डीएवी पीजी कॉलेज के अवकाश प्राप्त शिक्षक संघ की बैठक मंगलवार को संघ के अध्यक्ष डॉ. रामानंद पांडेय की अध्यक्षता में सचिव चंद्रदेव चौधरी के आवास पर हुई। बैठक में सर्वसम्मति से डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामानंद राम की कार्यशैली की निंदा करते हुए जेपीयू के कुलपति से हस्तक्षेप कर पठन-पाठन की सामान्य स्थिति बहाल करने की मांग की गई। डीएवी पीजी कॉलेज से 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हुए डॉ. तनवीर अख्तर नूर का आजतक प्राचार्य द्वारा पेंशन पेपर विश्वविद्यालय नहीं भेजने पर कड़ी आपत्ति जताई है। बैठक में प्रो. ओबैदुल्लाह, प्रो. इसरार अहमद, प्रो. राजेंद्र सिंह, प्रो. पतिराम पांडेय, प्रो. रवींद्रनाथ पाठक शामिल थे।
डीएम, एसपी के समक्ष आंदोलनकारी शिक्षकों ने रखी अपनी बात शहर के डीएवी पीजी कॉलेज में 4 अप्रैल को प्राचार्य व शिक्षकों के बीच हुए विवाद को लेकर टाउन थाने में दोनों तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 6 अप्रैल को कॉलेज में एएसपी अजय कुमार सिंह, टाउन थानाध्यक्ष अविनाश कुमार व दोनों कांड के अनुसंधानक एसआई अमित कुमार राम कॉलेज पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किए। इसी दिन डीएम विवेक रंजन मैत्रेय के कार्यालय प्रकोष्ठ में एसपी पूरन कुमार झा की मौजूदगी में डीएवी पीजी कॉलेज के शिक्षकों की बैठक हुई। डीएम के समक्ष सभी शिक्षकों ने प्राचार्य द्वारा महिला उत्पीड़न, भ्रष्टाचार व उनकी मनमानी को लेकर अपनी बातें रखीं। साथ ही शिक्षकों ने प्राचार्य द्वारा दर्ज कराई गई एससी- एसटी संबंधित झूठे केस की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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