
धान की कटनी बाधित होने व रबी की बुआई पिछड़ने से किसान परेशान
रघुनाथपुर में चक्रवाती तूफान मोंथा के कारण पिछले महीने हुई भारी बारिश से किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। धान की फसल गिर गई है और गेहूं की बुआई में देरी हो रही है। कृषि विभाग ने फसल क्षति का आकलन किया है, लेकिन किसानों की नाराजगी बढ़ रही है।
रघुनाथपुर, एक संवाददाता। चक्रवाती तूफान मोंथा की वजह से पिछले माह जिले में भारी बारिश हुई। जिसके कारण किसानों की फसल बर्बाद हुई है। बेमौसम बारिश के कारण किसानों के खेतों में कटनी के लिए धान तैयार है। बहुत सारी फसल गिर भी गई है। बांगर क्षेत्र के जिन खेतों में पानी कम भरा था। वहां भी मिट्टी गीली होने के कारण विलंब से गेहूं की बुआई हुई। बहुत सारे खेत में धान की फसल सड़ गई है। गेहूं से किसानों को ही उम्मीद है, लेकिन बारिश के पानी के कारण बहुत सारे क्षेत्र में बुआई नहीं हो सकेगी। मोंथा चक्रवात से जिले के किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है।

इसका आकलन कृषि विभाग किया भी तो फसल क्षति कम ही बताया। इससे किसान नाराज हैं। जिले में 1 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र से अधिक में गेहूं की बुआई का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन, इस साल लक्ष्य के अनुरूप गेहूं की बुआई हो सकेगा यह कहना मुश्किल है। अब तक जिले में औसतन 10 फीसदी भी गेहूं की बुआई नहीं हो सकी है। गेहूं के बीज विक्रेताओं के दुकान में भरे पड़े हैं। हरनाथपुर के पैक्स अध्यक्ष रविरंजन सिंह ने बताया कि उनके पंचायत में इस साल गेहूं की बुआई काफी कम हिस्सों में ही हो सकेगी। ज्यादा देर से बुआई करने पर गेहूं की पैदावार में काफी कमी आएगी। नवंबर महीने में किसान काटते हैं फसल नवंबर माह में किसान धान की फसल काटकर अपने खलिहानों तक लाने की शुरुआत करते हैं। लेकिन, बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, खेतों में पानी भर गया और धान की फसल खेतों में ही गिर गई। ऐसे में गिरे धान को काटना किसानों के लिए लगभग नामुमकिन सा काम हो गया है। यदि किसी तरह किसान उस फसल को काट भी ले तो उपज में बड़ा नुकसान की संभावना है। खेतों में गिरे हुए धान पौधे या तो खराब हो चुके हैं। धान की फसल में बीमारी भी लग गई है। पौधों के बालियों के लगे धान के दाने (बीज) पानी की वजह से अंकुर कर सड़ गए हैं। रघुनाथपुर में मात्र 15 प्रतिशत तक ही पहुंची गेहूं की बुआई चंवरी क्षेत्र में धान की कटनी व पिटनी का कार्य पूरा होना बाकी 05 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई का लक्ष्य हुआ है निर्धारित रघुनाथपुर, एक संवाददाता। प्रखंड में गेहूं की बुआई का कार्य तेजी से चल रहा है। हालांकि, अब तक 15 फीसदी ही बुआई का कार्य हो पाया है। रघुनाथपुर में करीब 5 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बुआई में देरी की वजह धान के खेत में लगा पानी और धान की पिटनी-पिटनी होना बाकी है। जहां खेत खाली हो गया है, वहां गेहूं की बुआई में तेजी आ गई है। चंवरी क्षेत्र में देर से धान की कटनी का कार्य पूरा होने में अभी देरी है। इस वजह से चंवरी क्षेत्र में अभी गेहूं की बुआई पूरी होने में विलंब है। कई किसानों ने बताया कि खेत में पानी की वजह से गेहूं की बुआई प्रभावित होगी। इधर, बांगर क्षेत्र में इस दो सप्ताह बाद से गेहूं की पहली सिंचाई भी शुरू हो जाएगी। निखती खुर्द के किसान शुभ नारायण राम ने कहा कि इस साल बेमौसम बारिश की वजह से खेत से धान की कटनी देर से हुई, अन्यथा बुआई 80 प्रतिशत से अधिक हो गई रहती। बांगर क्षेत्र के चंवर में भी खेत में पानी होने से दिसंबर के अंत तक इधर बुआई हो सकेगी। परशुरामपुर के किसान शम्भूनाथ राय ने बताया कि गेहूं की बुआई का उत्तम समय 15 दिसम्बर ही है। लेकिन, किसान 30 दिसम्बर तक गेहूं की बुआई करते रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस साल गेहूं की बुआई में काफी खर्च करना पड़ रहा है। 15 दिसंबर तक 30 फीसदी तक हो जाएगी बुआई प्रखंड के किसानों का कहना है कि 30 नवंबर तक रघुनाथपुर में कुल 10 फीसदी तक बुआई का लक्ष्य पूरा कर लिया गया था, जो 2 दिसंबर तक अब बढ़कर 15 प्रतिशत तक पहुंच गया है। फिलहाल गेहूं की बुआई का काम अभी तेजी से चल रहा है। 15 दिसम्बर तक 30 से 35 फीसदी से अधिक बुआई का कार्य पूरा हो जाएगा। किसान गेहूं की बुआई जल्द से जल्द पूरा कर लेना चाह रहे हैं।

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