नगर पंचायत के कलक्टरी पोखरा छठघाट पर गंदगी का अंबार

नगर पंचायत के कलक्टरी पोखरा छठघाट पर गंदगी का अंबार

संक्षेप:

महाराजगंज के छठ घाट पर व्रतियों की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन तालाब में गंदगी के कारण अर्घ देने में मुश्किलें आ रही हैं। नगर पंचायत ने सफाई का काम शुरू नहीं किया है, जिससे श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का...

Oct 15, 2025 01:11 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीवान
share

महाराजगंज, संवाद सूत्र। अनुमंडल मुख्यालय के नगर पंचायत के कलक्टरी पोखरा छठ घाट पर व्रतियों की काफी भीड़ उमड़ती है। यह शहर का सबसे बड़ा भीड़भाड़ वाला छठ घाट है। इस छठ घाट पर कई वार्ड की छठव्रतिया एक साथ छठ करने आती हैं। अस्तलगामी व उदयमान सूरज को अर्घ देने के समय घाट पर व्रतियों का सैलाब उमड़ पड़ता है। तालाब का हर किनारा छहठव्रतियों व श्रद्धालुओं से भरा रहता है। लोगों ने बताया कि तालाब में गंदगी का अंबार है। नगर पंचायत की ओर से अभी तक सफाई का कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है। ऐसे में तालाब में छठ व्रत के लिए अर्घ देना टेढ़ी खीर साबित होगा।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

लोगों ने बताया कि नगर पंचायत के मुख्य सड़क पर होने के बावजूद तालाब की देखरेख उचित तरीके से नहीं होती है। छठ के समय नगर पंचायत सफाई व तालाब में पानी व कीचड़ के प्रति गंभीर होता है। जिसके चलते जैसी तैयारी चाहिए वैसी नहीं हो पाती है। जैसी सुविधा छठव्रतियों को मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पाता है। छठ नजदीक आने पर नगर पंचायत की ओर से सफाई व तालाब की जीर्णोद्धार शुरू की जाती है। जो छठ व्रत के दिन तक आधा अधूरा ही रह जाता है। अभी की स्थिति में तालाब में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यह तालाब दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजा सहित अन्य किसी भी आयोजन ले बाद मूर्ति विसर्जन का सबसे बड़ा केंद्र है। जिसके चलते तालाब में सालों भर विभिन्न मूर्तियों के अवशेष किनारे लगा रहता है। जिसकी सफाई नहीं होने पर छठव्रतियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। क्या कहते वार्ड पार्षद वार्ड पार्षद सुमन कुमारी ने बताया कि तालाब की सफाई युद्ध स्तर पर कराई जा रही है। जरूरत पड़ने पर तालाब में पानी भरा जाएगा। छठ के पूर्व सारी तैयारियां पूरी कर ली जाएगी। जिससे व्रतियों को कोई समस्या नहीं होगी। छठ के पूर्व हर हाल में सफाई के कार्य को पूरा करा लिया जाएगा। घाट पर लाइट व सजावट की व्यवस्था सुंदर तरीके से की जाएगी। लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा पूरी श्रद्धा व भक्ति के साथ हम लोग बरसों से करती आ रही है। परंपरा के अनुसार नजदीक के छठ घाट पर जाती हैं। वहीं के तालाब में आस्ताचलगामी व उदीयमान सूर्य को अर्घ देती हैं। घरों की साफ सफाई करने के बाद लोग तालाब में ही कूड़ा करकट फेंकते हैं। जिस पर रोक नहीं लगाई जा रही है। तालाब के किनारे गंदगी नहीं रहनी चाहिए। छठ घाट पर महिलाओं के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए। जिससे व्रतियों को कोई परेशानी नहीं हो सके। सीमा कुमारी,छठव्रती।