
जिले के सभी 35 पैक्स व व्यापार मंडलों के अध्यक्ष व प्रबंधकों से स्पष्टीकरण
संक्षेप: सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में सीएमआर आपूर्ति में विभागीय निर्देश के बावजूद लगातार हो रही लापरवाही को देखते हुए सहकारिता विभाग ने जिले के सभी 35 पैक्स व व्यापार मंडलों के अध्यक्ष व प्रबंधकों...
सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में सीएमआर आपूर्ति में विभागीय निर्देश के बावजूद लगातार हो रही लापरवाही को देखते हुए सहकारिता विभाग ने जिले के सभी 35 पैक्स व व्यापार मंडलों के अध्यक्ष व प्रबंधकों से 24 घंटे के अंदर डीसीओ कार्यालय को स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि में संतोषजनक स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने पर नियम संगत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं, सभी पैक्स व व्यापार मंडलों को तत्काल शत-प्रतिशत धान मिलरों को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया है। बताया जा रहा कि कई पैक्स व व्यापार मंडलों ने अब तक संबंधित मिलरों को शत-प्रतिशत धान हस्तांतरित नहीं किया है।

इस क्रम में राइस मिल को धान नहीं देने वालों में सीवान सदर प्रखंड के कर्णपुरा, आंदर प्रखंड के आंदर,आंदर व्यापार मंडल,अर्कपुर, भवराजपुर, बड़हरिया के बड़हरिया व्यापार मंडल, लकड़ी दरगाह, सिकंदरपुर, कैलगढ़ दक्षिण, लकड़ी, भगवानपुर हाट प्रखंड के सराय पड़ौली, बलहा एराजी, महम्मदपुर, खेढ़वा, दरौली के दरौली व्यापार मंडल, दरौली, चकरी, सारना, दरौंदा के रामगढ़ा, गोरेयाकोठी के बरहोगा पुरुषोत्तम, हसनपुरा के सहुली, तेलकत्थू, हुसैनगंज के पश्चिमी हरिहांस, खानपुर, खानपुर खैराटी, बघौनी, महाराजगंज के बलहुं, पोखरा, सिकटिया, नौतन के मठिया, पंचरुखी के सुरबाला, रघुनाथपुर के रघुनाथपुर, बडुआ, जीरादेई प्रखंड के मझवलिया, जामापुर व ठेपहां आदि समितियां शामिल हैं। बहरहाल, जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से खरीफ विपणन मौसम 2024-25 के तहत सीएमआर आपूर्ति के विरुद्ध धान हस्तानांतरण की समीक्षा की गई। विभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई कि जिले के कई पैक्स व व्यापार मंडलों ने अब तक संबंधित मिलरों को शत-प्रतिशत धान हस्तांतरित नहीं किया है। इससे समिति हित प्रभावित हुआ है। सीएमआर आपूर्ति के 45 दिनों के बाद भी मिलर को शत-प्रतिशत धान हस्तगत नहीं कराना कार्य के प्रति लापरवाही व वरीय अधिकारियों के निर्देश की अवहेलना को दर्शाता है। इस संदर्भ में संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार, ने भी इसे लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि धान हस्तांतरण में देरी होना न सिर्फ विभागीय आदेशों की अवहेलना है, बल्कि इससे समितियों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो नियम संगत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी पैक्स व व्यापार मंडलों को तत्काल शत-प्रतिशत धान मिलरों को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया है।

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