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जिले में मौसम का बदला मिजाज, कई जगहों पर हल्की बारिश

पेज पांच की लीड नुकसान बादलों को देख गेहूं की कटनी-दौनी कर चुके किसान अपने घर-बथान में गेहूं और भूसा सुरक्षित करने में जुट गए बारिश से गेहूं के पलहारी व बोझे खेत-खलिहान में ही भींगे बारिश से...

जिले में मौसम का बदला मिजाज, कई जगहों पर हल्की बारिश
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,सीवानWed, 21 Apr 2021 06:30 PM
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पेज पांच की लीड

नुकसान

बादलों को देख गेहूं की कटनी-दौनी कर चुके किसान अपने घर-बथान में गेहूं और भूसा सुरक्षित करने में जुट गए

बारिश से गेहूं के पलहारी व बोझे खेत-खलिहान में ही भींगे

बारिश से सब्जियों और आम के फलों को ही फायदा होगा

02 दिनों तक मौसम के इसी तरह के बने रहने का आसार

10 फीसदी कटनी व 20 फीसदी तक दौनी का काम बाकी

फोटो :13 बुधवार की बारिश में भींगे रघुनाथपुर के एक किसान के खेत दौनी के लिए रखे गए गेहूं के ये बोझे।

सीवान, रघुनाथपुर। एक संवाददाता

मौसम के अचानक बदले मिजाज से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बुधवार की सुबह जिले के कई हिस्सों में बारिश हुई। इससे खेत-खलिहान में पड़े गेहूं के बोझे और पलहारी भींग गए। हालांकि बारिश हल्की रहने से किसानों को इससे कोई विशेष नुकसान नहीं होगा। लेकिन, इस बारिश ने गेहूं की कटनी और दौनी पर ब्रेक लगा दिया है। अगर मौसम की बेरूखी इसी तरह से बनी रही तो, किसानों को नुकसान होगा। जानकारों का कहना है कि अगले दो दिनों तक मौसम के इसी तरह से बने रहने का आसार है। मंगलवार की रात से बह रही पुरवईया हवा और बारिश होने की आशंकाओं पर बल दे रही है। इधर आसमान में उमड़ते-घुमड़ते बादलों को देख गेहूं की कटनी-दौनी कर चुके किसान अपने घर-बथान में गेहूं और भूसा सुरक्षित करने में जुट गए हैं। लक्षमीपुर के किसान व शिक्षक मिथलेश सिंह ने बताया कि बुधवार की सुबह में अचानक मौसम में परिवर्तन होते देखा गया। अभी किसान घर के बाहर चट्ट और बोरे में रखे हुए गेहूं को ढकने की सोच ही रहे थे कि बारिश की बूंदें टपकने लगीं। आनन-फानन में इसे भींगने से बचाया गया। हालांकि जिले में अभी 10 फीसदी गेहूं की कटनी और 20 फीसदी तक दौनी बाकी है। जिन किसानों का कटनी-दौनी नहीं हुआ है, उनकी धड़कन इस मौसम ने बढ़ा ही दी है। कृषि के विशेषज्ञों का कहना है कि अभी 10 दिन तक बारिश नहीं होती तो किसान गेहूं की कटनी और दौनी का कार्य पूरा कर लेते। अभी की बारिश से सब्जियों और आम के फलों को ही फायदा होगा। चिमनी भट्ठा मालिकों और पथेरों को भी बारिश तेज होने से नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम के अचानक करवट बदलते देख कई चिमनी भट्ठों पर बुधवार को कच्चे ईंटों को ढ़का जा रहा था।

गेहूं की इस साल हुई है बंपर पैदावार

जिले में इस साल गेहूं की इस साल बंपर पैदावार हुई है। इससे किसानों में काफी खुशी देखी जा रही है। कृषि विभाग के लोगों का कहना है कि पिछले पांच सालों में इस तरह का पैदावार नहीं हुआ था। जिले के प्रत्येक पंचायत के पांच-पांच इलाकों में क्रॉप कटिंग किए जाने के बाद मिले आकंड़े ही इसकी गवाही दे रहे हैं। हालांकि जिन किसानों ने लेट से इसकी बुआई की थी, उनकी गेहूं की उपज कम हुई है। किसान सलाहकार नवीन पांडेय ने कहा कि किसी भी फसल के पैदावार जमीन की स्थिति, खाद-बीच, सिंचाई व बुआई और कटाई के समय पर निर्भर करता है। किसानों को जल्द से जल्द गेहूं और भूसा को सुरक्षित कर लेना चाहिए।

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