Hindi NewsBihar NewsSiwan NewsCelebration of Jiiradei Festival in Honor of Dr Rajendra Prasad
जीरादेई महोत्सव से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर

जीरादेई महोत्सव से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर

संक्षेप:

डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की जन्मस्थली जीरादेई में खेल स्पर्धाओं और सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। बिहार सरकार द्वारा जीरादेई महोत्सव का आगाज बड़े उत्साह के साथ किया गया है, जिसमें जिलाधिकारी सहित अन्य वरीय अधिकारी भी शामिल होंगे। स्थानीय लोग इस पहल का स्वागत कर रहे हैं।

Dec 11, 2025 04:53 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीवान
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जीरादेई, एक संवाददाता। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की जन्मस्थली जीरादेई में गुरुवार को खेल स्पर्धाओं और सांस्कृतिक उत्सव की धूम रहेगी। गुरुवार को बिहार सरकार द्वारा पूरे उत्साह के साथ जीरदेई महोत्सव का आगाज किया जा रहा है। इस महोत्सव में जिलाधिकारी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे। देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद के पैतृक गांव में जीरादेई में महोत्सव मनाना बिहार सरकार की अच्छी पहल है। जिसका प्रखण्ड एवं जिले के वासी स्वागत कर रहे हैं । देशरत्न राजेंद्र बाबू के पैतृक संपत्ति के रामेश्वर सिंह ने बताया कि बिहार सरकार व जिला प्रशासन के द्वारा जीरादेई महोत्सव की जानकारी सुनकर मन गदगद हो गया व आंखों से खुशी के आंसू निकल आए।

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उन्होंने बताया कि मेरे पिता जी स्व बच्चा बाबू बताते थे कि मुझे वह भी दिन याद है। जब बाबू के गोद में खेल रहे थे। जब प्रथम राष्ट्रपति बनना था तो इसी राजेन्द्र पार्क में क्षेत्रवासियों द्वारा राजतिलक लगाकर उनको दिल्ली भेजा गया था, जो दृश्य आज भी उनकी आंखों के सामने दृष्टिगोचर होता है। संविधान की आप बात करते हैं उसकी निर्माण में बाबू की महती भूमिका रही तथा बाबू ने संविधान सभा का अध्यक्षता भी किया। वहीं दूसरी ओर सीवान तीतिर स्तूप बौद्ध विकास मिशन के संस्थापक डॉ कृष्ण कुमार सिंह ने बिहार सरकार से मांग किया कि जीरादेई स्थित तीतिर स्तूप एवं बौद्ध मंदिर परिसर में बौद्ध महोत्सव मनाया जाय क्योंकि इस स्थल का सम्बंध भगवान बुद्ध के जीवनकाल से है तथा यहाँ देशविदेश के बौद्ध भिक्षु दर्शन एवं पूजा अर्चना करने आते है । उन्होंने बताया कि राजेन्द्र बाबू को बौद्ध दर्शन से काफी लगाव था तथा बोधगया मंदिर के जीर्णोद्धार में उनकी महती भूमिका रही थी। डा सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग में बौद्ध स्तूप का फाइल अटका हुआ है । उन्होंने बताया कि नए जिला पदाधिकारी से उम्मीद है कि तीतिर स्तूप को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय क्षितिज पर लाने में महती भूमिका निभाएंगे तथा सिवानवासियों को बहुत बड़ा सौगात मिलेगा। साथ ही, जिले का राजस्व बढ़ेगा तथा रोजगार का सुअवसर मिलेगा ।