पेज 5 लीड : बाईपास चौड़ीकरण का रास्ता साफ, वन विभाग ने एक किमी तक जारी की एनओसी
23 जून 2025 को प्रकाशित खबर के बाद वन विभाग ने पचरुखी-सीवान बाईपास सड़क के चौड़ीकरण के लिए एनओसी जारी किया। पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे सड़क निर्माण में रुकावट दूर होगी। इस सड़क के बन जाने से शहर का यातायात दबाव कम होगा और आसपास के गांवों को भी लाभ मिलेगा।

सीवान, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। 23 जून 2025 को आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान में बाईपास चौड़ीकरण में वन विभाग के एनओसी की जरूरत शीर्षक से प्रकाशित खबर का असर अब दिखने लगा है। खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभागों में सक्रियता बढ़ी और लंबे समय से अटकी प्रक्रिया को पूरा करते हुए वन विभाग ने सड़क निर्माण में बाधा बन रहे पेड़ों को हटाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया है। एनओसी प्रक्रिया में समय लगने के कारण पचरुखी-सीवान बाईपास सड़क निर्माण कार्य बाधित था। लेकिन, अब यह बड़ी तकनीकी बाधा दूर हो गई है। हालांकि इसमें और पेड़ हटाने के लिए एनओसी अभी भी चाहिए।
गौर करने वाली बात है कि नारायणपुर जीरो माइल से टेढ़ी घाट तक प्रस्तावित पचरुखी-सीवान बाईपास सड़क की वर्तमान चौड़ाई लगभग पांच मीटर है। बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए इस सड़क को सात मीटर चौड़ा किए जाने का निर्णय लिया गया है। चौड़ीकरण के लिए सड़क के दोनों ओर लगे पुराने और बड़े पेड़ों को हटाना जरूरी था। हालांकि, वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण इस हिस्से में निर्माण कार्य बाधित था। वन विभाग की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता है, इसी वजह से कार्यदायी एजेंसी को इंतजार करना पड़ा। अब वन विभाग द्वारा एनओसी जारी किए जाने के बाद करीब एक किलोमीटर तक सड़क निर्माण में बाधा डाल रहे पेड़ों को हटाने का रास्ता साफ हो गया है। संबंधित एजेंसी को जल्द ही पेड़ कटान का कार्य शुरू करने की अनुमति मिल गई है। पेड़ों को हटाने के साथ ही चौड़ीकरण का काम तेजी से बढ़ेगा आगे बता दें कि एनओसी मिल जाने के बाद चौड़ीकरण का काम तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इधर एनओसी मिलते ही निर्माण की रफ्तार बढ़ाने के लिए पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने निर्देश निर्माण कार्य में लगी एजेंसी को दे दिया हैं। ताकि परियोजना में हुई देरी की भरपाई की जा सके। ज्ञात हो कि इस सड़क के बन जाने से न केवल शहर का यातायात दबाव कम होगा। बल्कि आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। किसानों, व्यापारियों और आम यात्रियों के लिए आवागमन सुगम होगा और समय की भी बचत होगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि बाईपास चालू होने से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। 98 करोड़ की लागत से होगा निर्माण कार्य करीब 13.8 किलोमीटर लंबी पचरुखी-सीवान बाईपास सड़क का निर्माण 98 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस परियोजना के में दो एजेंसी संयुक्त रूप से कार्य कर रही है। इसमें पुल-पुलिया बनाने के साथ मिट्टी भराई कार्य तेजी से चल रहा है। कार्यदायी एजेंसी द्वारा प्रारंभिक स्तर पर मिट्टी भराई और सर्वे से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। इस मार्ग को चौड़ीकरण के साथ-साथ सड़क को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। ताकि भारी वाहनों के आवागमन में भी कोई परेशानी न हो। बाइपास बन जाने से शहर को जाम से मिलेगी बड़ी राहत पचरुखी-सीवान बाईपास सड़क के चौड़ीकरण और निर्माण के पूरा होने के बाद सीवान शहर को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में भारी वाहनों को शहर के अंदर से गुजरना पड़ता है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। बाइपास के माध्यम से यह वाहन सीधे पचरुखी एनएच-551 से टेढ़ी घाट एनएच-227 तक आसानी से जा सकेंगे। क्या कहते हैं अधिकारी वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद अब निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी और तय समयसीमा के भीतर बाइपास चौड़ीकरण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें और भी पेड़ हटाने के लिए वन विभाग की एनओसी की जरूरत है। अगर मिल जाती है, तो निर्बाध रूप से कार्य चलेगा। समलदेव कुमार, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग
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