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हिंदी न्यूज़ बिहार सीवानलकड़ी नबीगंज की प्रखंड प्रमुख, उपप्रमुख की हार

लकड़ी नबीगंज की प्रखंड प्रमुख, उपप्रमुख की हार

हिन्दुस्तान टीम,सीवानNewswrap
Wed, 01 Dec 2021 07:01 PM
लकड़ी नबीगंज की प्रखंड प्रमुख, उपप्रमुख की हार

पेज चार की लीड

उलटफेर

भगवानपुर जिला परिषद क्षेत्र संख्या 40 से दूसरी बार जीते सुशील

02 प्रखंडों में हुए चुनाव में अधिकतर सीटों पर नए चेहरे

14 में 12 भगवानपुर के पंचायतों में नए चेहरे का कब्जा

फोटो संख्या - 5

कैप्शन - लकड़ी नबीगंज क्षेत्र संख्या 36 से समर्थकों के साथ जीत की खुशी मनाती विजयी उर्मिला देवी।

फोटो संख्या - 7

कैप्शन - समर्थकों से घिरी भगवानपुर के खेड़वा पंचायत से विजयी शकुंतला देवी।

सीवान। हिन्दुस्तान संवाददाता

जिले में हुए पंचायत चुनाव में एक ओर जहां नए चेहरों के चुनाव जीतने का सिलसिला जारी है, वहीं निवर्तमान त्रि-स्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की हार का क्रम भी बना हुआ है। नौवें चरण में लकड़ी नबीगंज व भगवानपुरहाट प्रखंड में हुए पंचायत चुनाव की मतगणना बुधवार को देर शाम तक चलती रही। डायट भवन में लकड़ी नबीगंज जबकि डीएवी पीजी कॉलेज के सामाजिक विज्ञान भवन में भगवानपुर हाट की मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू हुई। अब घोषित चुनाव परिणाम के अनुसार लकड़ी नबीगंज की प्रखंड प्रमुख प्रियंका सिंह व उपप्रमुख मो. अयूब चुनाव हार गए हैं। लकड़ी नबीगंज जिला परिषद क्षेत्र संख्या 36 से उर्मिला देवी व 37 से रमेश कुमार सिंह पहली बार जिला परिषद का चुनाव जीते हैं। इधर, भगवानपुर हाट प्रखंड के जिला परिषद क्षेत्र संख्या 40 से सुशील कुमार दूसरी बार जिला परिषद का चुनाव जीतने में सफल हुए हैं, वहीं भगवानपुर जिला परिषद क्षेत्र संख्या 39 से फजले अली व 41 से बबिता देवी पहली बार जिला परिषद का चुनाव जीत गए हैं। दोनों प्रखंडों में अधिकतर सीटों पर नए चेहरों ने मुखिया चुनाव में बाजी मारी है।

भगवानपुर हाट में 14 में 12 नए चेहरे

सीवान। भगवानपुरहाट प्रखंड के 20 पंचायतों में 29 नवंबर को हुए चुनाव की मतगणना डीएवी पीजी कॉलेज के सामाजिक विज्ञान भवन में हुई। खबर लिखे जाने तक 12 में 10 पंचायतों में नए चेहरों ने बाजी मारी है। प्रखंड के महम्दा पंचायत से नीपू देवी पहली बार मुखिया का चुनाव जीत गई हैं, वहीं सराय पड़ौली से मंटू कुमार द्विवेदी, खेड़वा से शकुंतला देवी, बड़का गांव से प्रिया सिंह, बिठुना से राजेन्द्र सिंह, मोरा खास से रहमत राय, शंकरपुर से बिन्दु देवी, मिरजुमला से प्रीति देवी, कौड़िया पंचायत से राजकुमारी देवी, ब्रहृस्थान से शमीम खान, सहसरांव से राजेश्वर साह व बलहां एजाजी से पम्मी कुमारी को पहली बार मुखिया चुनाव में जीत हासिल हुई है। प्रखंड के बनसोही से रामावती देवी व भीखमपुर से निवर्तमान मुखिया सरोज देवी दूसरी बार मुखिया का चुनाव जीती हैं।

लकड़ी नबीगंज में भी नए चेहरों की ताजपोशी

सीवान। लकड़ी नबीगंज प्रखंड में हुए पंचायत चुनाव में ज्यादातर नए चेहरों की ताजपोशी हुई है। प्रखंड के भादा खुर्द से रिपू देवी पहली बार मुखिया चुनी गई हैं। वहीं भोपतपुर से सरवरी खातून, बलडीहा से रमेश कुमार राम, डुमरा से नीतू देवी, पड़ौली से राम कुमार सिंह, गोपालपुर से हरेन्द्र सिंह, जगतपुर से मीना देवी, बसोली से भारतेन्दु लाल व लकड़ी से नंदकिशोर यादव को पहली बार मुखिया चुनाव में विजय हासिल हुई है। प्रखंड के लखनौरा से सहाबुन नेशा व ख्वासपुर से विरेन्द्र साह दूसरी बार मुखिया का चुनाव जीतने में सफल हो गए हैं। भादा खुर्द से मंजू देवी व डुमरा से नजमा निखत सरपंच का चुनाव जीती हैं।

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वर्षो से पांव जमाए पंचायत प्रतिनिधियों के उखड़ गए पांव

नए पर भरोसा

कई प्रत्याशी के पति या पत्नी पहले मुखिया रह चुके हैं

कई पूर्व प्रतिनिधियों के पति या पत्नी भी चुनाव जीते हैं

फोटो संख्या - 6

कैप्शन - भगवानपुर हाट प्रखंड के बड़का गांव पंचायत से जीत की विक्ट्री दिखलाती पहली बार मुखिया चुनीं गई प्रिया सिंह।

भगवानपुर हाट। एक संवाददाता

पंचायत चुनाव के नौवें चरण में प्रखंड में हुए चुनाव की मतगणना में बदलाव की चल रही बयार में भगवानपुर प्रखंड भी अछूता नहीं रहा। मतगणना में मिल रहे चुनाव परिणाम से यह साबित होता है कि बदलाव की बयार में कई बार से पांव जमाए प्रतिनिधियों के पांव उखड़ गए हैं। इस बार प्रखंड के मतदाताओं ने अधिकांश नये चेहरों पर भरोसा जताया है। कई नये व युवा चेहरे चुनाव जीतकर आए हैं, जिनके हाथों में पंचायत की बागडोर होगी। वहीं कई पंचायतों के मुखिया व अन्य प्रतिनिधियों ने हैट्रिक बनाने का सपना देखा था, लेकिन उनका सपना टूट गया है। अबतक दस पंचायतों के मिले चुनाव परिणाम में एकमात्र बनसोहीं पंचायत की मुखिया रमावती देवी हीं दूसरी बार मुखिया चुनी गईं हैं। जबकि अन्य नौ पंचायतों में नये चेहरे मुखिया का चुनाव जीते हैं। प्रखंड में जिला परिषद की तीन सीटों में से दो सीटों क्षेत्र संख्या 39 व 41 पर नये चेहरे चुनाव जीते हैं। एकमात्र सीट क्षेत्र संख्या 40 से निवर्तमान जिला पार्षद सुशील कुमार डब्ल्यू दूसरी बार चुनाव जीते हैं।

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हारे हुए प्रत्याशियों के प्रत्याशी के समर्थक मायूस

भगवानपुर हाट। चुनाव परिणाम आने पर कहीं खुशी तो कहीं गम देखी जा रही है। चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों के समर्थक जहां उत्साहित होकर खुशियां मना रहे हैं, वहीं चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों के यहां गम का माहौल है। उनके समर्थक मायूस होकर अपने खर्चे और मिले हुए वोट का आकलन कर रहे हैं। महम्मदा में पहली बार विभाकर पांडेय की पत्नी निपु देवी मुखिया चुनी गई हैं। निवर्तमान मुखिया कुमारी प्रियंका देवी को वोटरों ने नकार दिया है। उनके पति नागेन्द्र भी मुखिया रह चुके हैं। लेकिन इस बार उन्हें करारी हार मिली है। सराय पड़ौली से भी नया एवं युवा चेहरा मंटू द्विवेदी ने मुखिया पद पर जीत हासिल की है। खेढ़वा पंचायत से भी नया चेहरा शकुन्तला देवी जीती हैं। इनके पति शैलेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ गुड्डू सिंह पूर्व में मुखिया रह चुके हैं। बनसोहीं से पुराना चेहरा रामावती देवी ने चुनाव में जीत दर्ज कर लिया है। बड़कागांव से प्रिया सिंह ने पहली बार जीत दर्ज की है। बिठुना से राजेन्द्र सिंह पहली बार जीते हैं। इसके पहले उनकी पत्नी मुखिया रह चुकी है। मोरा खास से रहमत राय, शंकरपुर से विन्दु देवी, मिरजुमला से प्रीति देवी, कौड़िया से राजकुमारी देवी पहली बार मुखिया चुनी गईं हैं। कौड़िया पंचायत में मतदाताओं ने साधारण प्रत्याशी पर भरोसा जताया है। नये चेहरे के आने और निवर्तमानों के हारने के मुख्य कारण नल-जल योजना है।

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लकड़ी नबीगंज में खूब चली बदलाव की बयार

उल्लास

समर्थकों ने अपने प्रत्याशी की जीत का जमकर जश्न मनाया

अबीर-गुलाल लगाकर एक दूसरे से खुशी का इजहार किया

फोटो संख्या-14 बुधवार को समर्थकों के साथ लकड़ी नबीगंज के पड़ौली के नवनिर्वाचित मुखिया रामकुमार सिंह।

लकड़ी नबीगंज। एक संवाददाता

प्रखंड में बदलाव की बयार ने कई मुखियों को औधे मुंह गिरा दिया। जबकि निवर्तमान मुखिया अपनी सीट बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए थे। परंतु वोटरों ने उनकी एक भी नहीं सुनी। भादा खुर्द, बलडीहा, भोपतपुर, पड़ौली, पंचायतों में बदलाव की हवा देखने को मिली है। पड़ौली पंचायत से मुखिया के रुप में रामकुमार सिंह की शानदार जीत ने पूर्व से चल रहे कयासों को काफी बल दिया है। वही लखनौरा पंचायत में वर्तमान मुखिया काफी विरोध के बावजूद अपनी सीट बचाने में कामयाब हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुखिया पुत्र फिरोज आलम की लोकप्रियता ने उन्हें पुनः मुखिया पद ताज पहनने में कोई बाधा पैदा होने नहीं दिया है। इधर विजेता प्रतिनिधियों के समर्थकों ने अपने प्रत्याशी की जीत का जमकर जश्न मनाया। अबीर-गुलाल लगाकर एक दूसरे से खुशी का इजहार किया। समर्थकों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई। प्रखंड के 11 पंचायतों से मुखिया, सरपंच, जिला परिषद सदस्य, बीडीसी, पंच वार्ड सदस्य पदों के विजेताओं से ज्यादा खुशी समर्थकों में देखी गई।

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नवनिर्वाचित मुखिया ने लोगों का जताया आभार

लकड़ी नबीगंज। पड़ौली के नवनिर्वाचित मुखिया राम कुमार सिंह ने पंचायत के लोगों पर आभार जताते हुए कहा कि वह पूरी निष्ठा से पंचायतवासियों की सेवा करेंगे उन्हें समर्थन देने या नहीं देने का थोड़ा भी मलाल नहीं है। पंचायत के सभी जाति धर्म के लोगों ने अपार समर्थन दिया है। नवनिर्वाचित मुखिया ने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता पंचायत में अमन और सौहार्द कायम रखना है वे समाज के सभी वर्गों की राय मशविरा से पंचायत में विकास के कामों को गति देंगे।

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भीखपुर में 57 प्रतिशत डाले गए वोट

पुर्नमतदान

वोट डालने का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा

9 बजते-बजते 644 में192 वोटर वोट डाल चुके थे

फोटो संख्या-11 बुधवार को भीखपुर पंचायत के मतदान केन्द्र 80 पर वोट देने के लिए कतार में खड़ी महिलाएं।

सिसवन। एक संवाददाता

प्रखंड के भीखपुर पंचायत के मतदान केंद्र संख्या 80 मकतब भीखपुर बाएं भाग पर बुधवार को वोट डाले गए। वोट डालने का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। शुरुआती दौर में ही वोट डालने की प्रक्रिया काफी तेज रही। 9 बजते-बजते 644 में से 192 वोटर वोट डाल चुके थे। लोग मतदान केंद्र पर आते रहे और वोट डाल कर चलते रहें। मतदान केंद्र पर कभी भी लंबी कतार देखने को नहीं मिली। एक मतदान केन्द्र व एक पद के लिए होने वाले चुनाव के कारण यहां भीड़ नहीं देखी गई। यहां पर वोटरो को अपने पक्ष में करने के लिए सभी प्रत्याशियों ने अपनी ताकत झोंक रखी थी। मुख्य मुकाबला जिला परिषद के उपाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह की पत्नी बबिता सिंह व पूर्व बीडीसी सदस्य ओमप्रकाश यादव की पत्नी देवन्ती के बीच होने की संभावना है। देर शाम में वोटों की गिनती प्रखंड मुख्यालय पर की जाएगी। मतदान समाप्त होने तक 363 वोटरों ने अपने मतदान का प्रयोग किया। इनमें 203 महिलाओं व 160 पुरूष मतदाताओं ने वोट डाले। यहां 334 पुरुष व 310 महिला वोटर है। प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त थी। मजिस्ट्रेट के रूप में हसनपुरा के बीडीओ राजेश्वर राम व पचरुखी के सीओ धर्मनाथ बैठा तैनात किए गए थे। बीडीओ सूरज कुमार सिंह, सीओ सतीश कुमार, सिसवन थानाध्यक्ष कुमार वैभव, चैनपुर ओपी के एएसआई अनिल कुमार सिंह व अन्य पुलिस कर्मी मुस्तैद थे।

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बबीता पुनः बनी भीखपुर पंचायत के मुखिया

फोटो संख्या-13 सिसवन प्रखंड मुख्यालय पर बुधवार को चुनाव जीतने के बाद समर्थको के साथ बबीता सिंह।

सिसवन। प्रखंड के भीखपुर पंचायत के मतदान केंद्र संख्या 80 पर हुए मतदान के बाद हुई मतगणना में बबीता सिंह भीखपुर पंचायत की मुखिया चुनी गई हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी देवंती देवी को लगभग 92 वोटों से हरा दिया है। बता दे कि मतदान केंद्र संख्या 80 पर पुनः मतदान कराया गया। 26 नवंबर को मतगणना के दौरान इस मतदान केंद्र पर प्रयोग में लाई गई ईवीएम में खराबी आने के बाद भीखपुर पंचायत का रिजल्ट नहीं हो पाया था। जिसके कारण यहां पर पुनः मतदान कराना पड़ा। बबीता सिंह को 1901 वोट मिले। जबकि देवंती देवी को 1809, शाहिना बेगम को 842 व पूजा कुमारी को 772 मत प्राप्त हुआ है। बीडीओ सूरज कुमार सिंह ने बबीता सिंह को प्रमाणपत्र सौंपा।

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अखंड रहा ब्रजेश परिवार का ताज

सिसवन। प्रखंड के भीखपुर पंचायत से बबीता देवी दुसरी बार चुनाव जीत परिवार का ताज बरकरार रखा। उन्होंने लगभग 92 मतों से चुनाव जीत गई हैं । यहा चार प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। इस पंचायत की विशेषता यह है कि इस पंचायत में पंचायती राज शुरू होने से अब तक इस परिवार के ही सदस्य मुखिया चुने जाते रहें हैं। पहली बार 1950 में चुनाव होने पर ब्रजेश सिंह के बाबा विश्वनाथ सिंह मुखिया बने। वे 2001 तक मुखिया रहे। 1978 में अंतिम बार मुखिया बनने के बाद आजीवन मुखिया रहे। इसके बाद 2001 उन्होंने चुनावी राजनीति से संन्यास ले लिया। तब उनके पोता ब्रजेश सिंह चुनाव लड़े और जीत दर्ज किया। 2006 व 2011 में भी ब्रजेश सिहं मुखिया बने। 2016 मे यह पद महिला के लिए सुरक्षित होने पर ब्रजेश की पत्नी बबीता सिंह मुखिया की चुनाव में जीत दर्ज की। इसबार भी चुनाव में जीत दर्ज कर परिवार का ताज बरकरार रखा।

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