Hindi NewsBihar NewsSiwan NewsBhagwat Katha Highlights Krishna s Life and River Conservation
 श्रीकृष्ण के जीवन और व्यक्तित्व अनुकरणीय: आदित्य

श्रीकृष्ण के जीवन और व्यक्तित्व अनुकरणीय: आदित्य

संक्षेप:

जीरादेई में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन कथावाचक आदित्य कृष्ण गुरु ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और व्यक्तित्व पर चर्चा की। उन्होंने कृष्ण के सभी चरित्रों से संबंध और नदियों के संरक्षण पर जोर दिया, जबकि आमजन से स्वच्छता में सहयोग की अपील की।

Dec 19, 2025 02:37 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीवान
share Share
Follow Us on

जीरादेई, एक संवाददाता । प्रखंड मुख्यालय स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में गुरुवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक आदित्य कृष्ण गुरु ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण महाभारत के सभी चरित्रों के नायक हैं। ऐसा कोई पात्र नहीं है, जिससे किसी न किसी रूप में उनका संबंध न रहा हो। गुरु जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे सिंहासन पर विराजमान सम्राट से लेकर गली-कूचों में रहने वाली ग्वालिनों तक, सभी से समान स्तर पर संवाद करते थे और अपनी नीति व व्यवहार से सबको प्रभावित कर लेते थे।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

बचपन से लेकर प्रौढ़ावस्था तक उन्होंने जो कार्य किए, वैसा करने की क्षमता अन्य किसी में नहीं थी। वे अपने विरोधियों को परास्त ही नहीं करते थे, बल्कि उन्हें अपना अनुयायी भी बना लेते थे। उन्होंने कहा कि नदी जीवन का अभिन्न अंग है और इसके संरक्षण की शुरुआत स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग का वध कर यमुना नदी को प्रदूषण से मुक्त कर की थी। गुरु जी ने आमजन से नदियों की स्वच्छता व संरक्षण में सहयोग करने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो भविष्य में कोरोना जैसी गंभीर आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि गांव से गुजरने वाली हिरण्यवती (सोना) नदी धार्मिक व ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसकी सुरक्षा व सफाई हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर शिक्षाविद प्रशांत विक्रम, रामेश्वर सिंह, स्थानीय मुखिया अक्षय लाल साह, यजमान लाल बाबू प्रसाद, विजय सिंह, हरिकांत सिंह, संजय कुशवाहा, शालू कुमार सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।