जिले के नौ निजी अस्पतालों में मिल रही है आयुष्मान योजना की सुविधा
आयुष्मान भारत योजना को धरातल पर उतारने की कोशिश जारी है। जिले में सरकारी और निजी अस्पतालों को जोड़ा जा रहा है। योजना से जुड़े लाभार्थियों की संख्या 27 लाख है, जिनमें से 15 लाख ने ई-गोल्डेन कार्ड बनवाया है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना है।

सीवान, निज प्रतिनिधि। आयुष्मान भारत योजना को धरातल पर उतारने की कोशिश जारी है। इस क्रम में सरकारी के अलावा निजी अस्पतालों को भी इस योजना से जोड़ा जा रहा है। मिले एक आंकडे के अनुसार जिले में इस योजना से जुड़े लाभार्थियों के इलाज के लिए सरकारी के अलावे निजी अस्पतालों को भी जोड़ा जा रहा है। योजना से जुड़ने वाले निजी अस्पतालों में इस्मत ईएनटी केयर, रंजन चिकित्सालय, चंद्र ज्योति नेत्रालय, शिवा आई हॉस्पिटल, श्री साईं एंड ट्रामा सेंटर, सना चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, ममता मेडिकल कॉलेज, रवि सेवा सदन व शिव सेवा क्लीनिक सहित कुल नौ निजी अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में ई-गोल्डेन कार्ड के जरिए मरीज अपना इलाज करा सकते हैं। योजना से जोड़ने से लाभार्थियों को आंख से जुड़े रोग, जेनरल सर्जरी, हड्डी, महिला व शिशुओं का इलाज निजी अस्पतालों में भी संभव हो रहा है।
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य
बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सरकारी व चयनित निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज दिलाना है। एक आंकड़े के अनुसार जिले के कुल लाभार्थियों की संख्या 27 लाख 39 हजार 680 है। इनमें से कुल 15 लाख 34 हजार 689 लाभार्थियों ने ई-गोल्डेन कार्ड बनवाया है। दूसरी ओर 70 वर्ष से अधिक के आयु के ई-गोल्डेन कार्डधारियों की संख्या 11 हजार 974 है। पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा आयुष्मान भारत योजना के तहत ई-गोल्डेन कार्ड बनवाने वाले लाभार्थियों को सरकार की ओर से पांच लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है। योजना का लाभ लेने वाले मरीज सरकारी व चयनित निजी अस्पतालों में बिना खर्च इलाज करा सकते हैं। बीमारी की स्थिति में लाभार्थी कार्ड के माध्यम से निर्धारित अस्पतालों में उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
क्या कहते हैं डीपीसी
आयुष्मान भारत योजना के डीपीसी राजकिशोर ने बताया कि जिलाधिकारी के दिशा-निर्देश पर आयुष्मान भारत योजना के तहत लगातार कार्य जारी है। जिले के कुल लाभार्थियों की संख्या 27 लाख 39 हजार 680 है। इनमें से कुल 15 लाख 34 हजार 689 लाभार्थियों ने ई-गोल्डेन कार्ड बनवाया है। दूसरी ओर 70 वर्ष से अधिक के आयु के ई-गोल्डेन कार्डधारियों की संख्या 11 हजार 974 है। मुख्य बातें -जिले में अब तक लगभग 15.34 लाख ई-गोल्डेन कार्ड बनाए जा चुके हैं। -कुल लाभार्थियों की संख्या लगभग 27.39 लाख बताई गई है। -70 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 11,974 लोगों के भी ई-गोल्डेन कार्ड बने हैं। -योजना के तहत मरीजों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में शामिल हैं -इस्मत ईएनटी केयर -रंजन चिकित्सालय -चंद्र ज्योति नेत्रालय -शिवा आई हॉस्पिटल -श्री साईं एंड ट्रामा सेंटर -सना चिल्ड्रेन हॉस्पिटल -ममता मेडिकल कॉलेज -रवि सेवा सदन -शिव सेवा क्लीनिक
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