बिना वेतन नप कर्मी व सफाई कर्मी कैसे मनायेंगे होली
सरकार ने सभी कर्मियों को होली से पहले वेतन देने का निर्देश दिया है, लेकिन नप कर्मियों को फरवरी का वेतन नहीं मिला। इससे कर्मियों में गुस्सा है। यूनियन के सचिव ने कहा कि 5 फरवरी को हड़ताल की घोषणा की थी, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक बकाया नहीं मिलता।

सरकार का निर्देश है कि सभी कर्मियों को होली के पहले उनका वेतन दिया जाए लेकिन नप कर्मियों को अभी तक फरवरी माह का वेतन नहीं मिला। इस स्थिति में कर्मी कैसे अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी होली मनायेंगे। इसे लेकर सभी कर्मियों में भारी गुस्सा है। मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार ने बताया कि 5 फरवरी को कर्मी हड़ताल की घोषणा किए थे। तब डीएम की पहल पर यूनियन व कार्यपालक पदाधिकारी के बीच समझौता हुआ। कहा गया कि 90 लाख ईपीएफ का पैसा 5 फरवरी को ट्रांसफर कर दिया गया है, शेष पैसा जल्द ट्रांसफर कर दिया जाएगा लेकिन तक एक रुपया कर्मियों के खाते में नहीं गया।
उन्होंने बताया कि कर्मियों का ईएसआईसी कार्ड बनाना अबतक शुरू नहीं हुआ, वर्षों से बकाया अंतर वेतन का भुगतान नहीं हुआ। पंप ऑपरेटर का चार माह, दैनिक कर्मियों व पेंशनधारी कर्मियों का दो माह से पैसा खाते में नहीं गया। डीएम ने साफ तौर पर नगर परिषद के ईओ को कर्मियों का बकाया ईपीएफ, ईएसआईसी समेत अन्य भुगतान नहीं होने तक किसी भी तरह के भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया था, लेकिन कर्मियों का भुगतान नहीं हुआ, वहीं, एनजीओ का भुगतान कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि 465 मैन पावर सप्लाई करने का ठेका तीन एजेंसियों ने लिया है। वहीं, 200 लोग सप्लाई करके 465 लोगो का पैसा फर्जी भुगतान करने की तैयारी है। 5 फरवरी के बाद दो बार पत्र लिखकर समझौता लागू करने को कहा गया लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इन सारी स्थितियों को देखते हुए मजबूरन हड़ताल पर नगर परिषद कर्मी चले गए हैं। कर्मियों का पूरा बकाया जबतक नहीं मिल जाता, हड़ताल जारी रहेगी।
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