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बाल्मीकी बराज से पानी छोड़ते बाढ़ संभावित क्षेत्रों में प्रशासन अलर्ट

हिन्दुस्तान टीम,सीवानPublished By: Newswrap
Wed, 16 Jun 2021 06:50 PM
बाल्मीकी बराज से पानी छोड़ते बाढ़ संभावित क्षेत्रों में प्रशासन अलर्ट

इसे पांच की लीड लगाए, प्लान की खबर

तैयारी पूरी

नाव, इन्फलेटेबल मोटरबोट, महाजाल, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित गोताखोर, राहत व बचाव दल की तैयारी कर ली गई है

गोपालगंज जिले के सारण तटबंध के टूटने पर जिले में बाढ़ का खतरा

चिन्हित स्थानों पर प्रभावितों को पहुंचाने के लिए किया स्थल का चयन

03 प्रखंड गोरेयाकोठी, नबीगंज व बसंतपुर हुए थे प्रभावित

फोटो संख्या - 3

कैप्शन - जिले के लकड़ी नबीगंज प्रखंड का बाढ़ संभावित क्षेत्र गोपालपुर।

सीवान। हिन्दुस्तान संवाददाता

जिले में मानसून की दस्तक देने के साथ ही जलजमाव की समस्या शहर से लेकर गांव तक में शुरू हो गई है। यही नहीं नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की आशंका भी सताने लगी है। इस बीच बाल्मीकी बराज द्वारा चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के साथ जिले में पिछले साल बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में खलबली मच गई है। हालांकि स्थानीय स्तर पर लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रखंड प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। प्रखंड प्रशासन का मानना है कि गोपालगंज जिले के सारण तटबंध के टूटने पर ही बाढ़ का खतरा है, अन्यथा सब अंडर कंट्रोल में है। बहरहाल, संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन के साथ ही प्रखंड प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। बाढ़ आने की स्थिति में प्रभावितों को ऊंचे स्थान पर पहुंचाने के लिए स्थल का चयन कर लिया गया है, वहीं नाव, इन्फलेटेबल मोटरबोट, महाजाल, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित गोताखोर, राहत व बचाव दल की तैयारी कर ली गई है। पिछले वर्ष सारण तटबंध टूटने से सबसे अधिक प्रभावित हुए लकड़ी नबीगंज, गोरेयाकोठी प्रखंड के अलावा जिला प्रशासन की नजर भगवानपुर, बसंतपुर व बड़हरिया प्रखंड पर है।

लकड़ी नबीगंज में 35 ऊंचे स्थान चिन्हित

जिले के लकड़ी नबीगंज प्रखंड में बाढ़ की संभावना को देखते हुए 30 से 35 ऊंचे स्थानों का चयन कर लिया गया है। इसके साथ ही नाव व जैकेट का प्रबंध कर लिया गया है। सीओ अजय ठाकुर ने बताया कि पिछली बार बाढ़ से प्रखंड के 11 पंचायत प्रभावित हुए थे। इनमें बलडीहा, भोपतपुर, बसौली, लकड़ी, गोपालपुर, जगतपुर,ख्वासपुर के अलावा पड़ौली व भादापुर पंचायत का कुछ भाग शामिल था। ऐसे में इस बार प्रखंड प्रशासन की नजर विशेष रूप से इन क्षेत्रों पर है, ताकि बाढ़ आने पर जान-माल की हानि को रोका जा सके। साथ ही समय से प्रभावित लोगों को ऊंचे स्थान पर भेज दिया जाए।

गोरेयाकोठी प्रखंड प्रशासन ने पंद्रह नाव की मांग

संभावित बाढ़ को देखते हुए गोरेयाकोठी अंचल प्रशासन ने सिसवन, दरौली व रघुनाथपुर प्रशासन से 15 नाव की मांग की है। इसके साथ ही प्रभावितों को सुरक्षा के मद्देनजर ऊंचे स्थान पर भेजने के लिए 10 स्थान चिन्हित किए गए हैं। सीओ विकास कुमार सिंह ने बताया कि प्रखंड में गोपालगंज जिले के सारण तटबंध के टूटने पर ही बाढ़ से परेशानी बढ़ेगी। हालांकि अंचल स्तर पर सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है। सीओ ने बताया कि स्थानीय स्तर पर नाव की मांग की गई है, पॉलीथिन सीट हमारे पास उपलब्ध है। बताया कि पि छली बार बाढ़ से हेतिमपुर, बरहोगा परसोतिया व दूधड़ा पंचायत की करीब 30 हजार प्रभावित हुई थी। आंशिक रूप से गोरेयाकोठी, भिट्ठी, जामो, हरपुर, बिंदवल, मझवलिया व आज्ञा का कुछ हिस्सा प्रभावित हुआ था।

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