सीवान सहर में सड़क पर बायो-मेडिकल कचरा फेंकने वालों पर सख्ती, 44 को नोटिस
सीवान में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों, क्लीनिकों और नर्सिंग होम पर बायो-मेडिकल कचरा फेंकने के लिए कार्रवाई शुरू की है। 44 संस्थानों को नोटिस भेजा गया है और नियमों का पालन न करने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को बायो-मेडिकल कचरे के सुरक्षित प्रबंधन के लिए अनुमति लेना अनिवार्य है।

(सीवान से संदीप सिंह)। जिले में अब सड़क व कूड़े के ढेर पर बायो-मेडिकल कचरा फेंकने वाले अस्पताल, क्लीनिक व नर्सिंग होम पर कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे संस्थानों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग के मुताबिक, अब तक 44 अस्पतालों, नर्सिंग होम व क्लीनिकों को नोटिस जारी किया गया है। इन सभी को बायो-मेडिकल कचरा प्रबंधन से जुड़े पंजीकरण प्रमाण पत्र व ताजा रसीद के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ जुर्माना व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से निजी स्वास्थ्य संस्थान संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
बायो-मेडिकल कचरा प्रबंधन को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने प्रखंडों में निजी स्वास्थ्य संस्थानों की जांच करें। खासकर उन संस्थानों की जानकारी गोपनीय रूप से देने को कहा गया है, जहां बायो-मेडिकल कचरा प्रबंधन के नियमों की अनदेखी हो रही है। बताया गया है कि 10 मार्च को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश के बाद यह कार्रवाई तेज की गई है। जिले में 423 हेल्थ केयर एस्टैब्लिशमेंट किए गए हैं चिन्हित जिले में कुल 423 हेल्थ केयर एस्टैब्लिशमेंट चिन्हित किए गए हैं। इनमें 25 सरकारी व 398 निजी संस्थान शामिल हैं। बायो- मेडिकल कचरा प्रबंधन को लेकर सभी 25 सरकारी संस्थान सक्रिय हैं। निजी संस्थानों में 209 सक्रिय हैं, जबकि 189 फिलहाल निष्क्रिय पाए गए हैं। इस तरह बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन को लेकर जिले में निजी व सरकारी कुल 234 संस्थान अभी सक्रिय हैं। सभी स्वास्थ्य संस्थानों का निबंधन कराना जरूरी बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद के नियमों के अनुसार, सभी स्वास्थ्य संस्थान के लिए बायो-मेडिकल कचरे के सुरक्षित प्रबंधन के लिए अधिकारिक अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति कचरा उत्पन्न करना या इसका गलत तरीके से निपटान करना नियमों का उल्लंघन है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संस्थानों को निर्देश दिया है कि नियमों का पालन करें, ताकि पर्यावरण व लोगों की सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े।
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