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Hindi News बिहार सीवान बारिश नहीं होने से 50 फीसदी आम सूखकर गिरे

बारिश नहीं होने से 50 फीसदी आम सूखकर गिरे

म की पैदावार बाजार में दिख रही है, वह भी सूखी- सूखी फसल दिख रही है। इससे बगान मालिकों को इस साल करीब दस करोड़ का नुकसान हो गया है। बगान मालिक रामप्रवेश सिंह का कहना है कि इस साल वर्षों बाद ये हाल हुआ...

 बारिश नहीं होने से 50 फीसदी आम सूखकर गिरे
हिन्दुस्तान टीम,सीवानThu, 20 Jun 2024 02:15 PM
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सिसवन, एक संवाददाता। इस साल पड़ी प्रचंड गर्मी और लू चलने से आम की पैदावार को काफी प्रभावित किया है। करीब 50 फसदी फसल बारिश में सूखकर गिर गई है। अबतक बाजार में जर्दा, बंबईया, मालदह आम की प्रजाति भी ठीक से नहीं उपलब्ध हो पाई है। जो आम की पैदावार बाजार में दिख रही है, वह भी सूखी- सूखी फसल दिख रही है। इससे बगान मालिकों को इस साल करीब दस करोड़ का नुकसान हो गया है। बगान मालिक रामप्रवेश सिंह का कहना है कि इस साल वर्षों बाद ये हाल हुआ है। अब अगर बारिश नहीं होगी तो जो फसल बची है, वह भी गिर जाएगी। सीवान जिले में मालदह, जर्दा, किशुनभोग, बंबईया, बीजू, कलकतिया मालदह , शुक्ल, खजुरिया, वोटवा आम की प्रजाति की पैछावार होती है। लेकिन इस साल पैदावार सूख रही है।

अधिकतर टिकोले हो गए काले

प्रखंड का चैनपुर बाजार आम के थोक बाजार के लिए प्रसिद्ध है। यहां प्रतिदिन आम की थोक व खुदरा बिक्री का कार्य होता है। आम के इस व्यवसाय से लगभग एक सौ से अधिक लोगों को प्रतिदिन रोजगार मिलता है। स्थानीय स्तर पर उत्पादित आम को थोक भाव में बेचा जाता है। स्थानीय व्यवसायी मरई राईन, मुन्ना अली, अकबर, सलामुद्दीन, अजाद ने बताया कि इस बार आम का उत्पादन काफी कम हुआ है। मंजर लेने के बाद बिजली के कड़कने व हल्की बूंदाबांदी से आम के मंजर काले पड़ गए। 50 फीसदी मंजर में टिकोले आए वह भी बारिश नहीं होने व गर्मी के वजह से पेड़ से झड़ गए। इस साल मात्र 25 से 30 फीसदी ही आम का उत्पादन हो पाया। इस साल कड़ाके की धूप व गर्मी भी रही। जिसके कारण आम की फसलों पर काफी प्रभाव पड़ा है। आम का साइज नहीं बढ पाया। जिससे वजन में कमी है। दूसरी ओर बरसात नहीं होने से आम में इस बार रस की मात्रा भी कम है।

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