
एनडीए के बढ़े मतों से जिले की सात सीटों पर मिली जीत
नीरज कुमार पाठक नीरज कुमार पाठक सीवान। जिले की आठों विधानसभा सीटों के नतीजों में इस बार दिलचस्प बदलाव दिखे हैं। 2020 की तुलना में 2025 का चुनाव न सिर्फ नए सामाजिक समीकरणों को रेखांकित करता है बल्कि...
नीरज कुमार पाठक सीवान। जिले की आठों विधानसभा सीटों के नतीजों में इस बार दिलचस्प बदलाव दिखे हैं। 2020 की तुलना में 2025 का चुनाव न सिर्फ नए सामाजिक समीकरणों को रेखांकित करता है बल्कि गठबंधन स्तर पर हुए वोट ट्रांसफर और प्रत्याशियों की रणनीति ने भी राजनीतिक माहौल को पूरी तरह बदल दिया। एनडीए और महागठबंधन के बीच मुकाबला जिले की लगभग हर सीट पर कड़ा रहा, लेकिन कुछ क्षेत्रों में दोनों गठबंधनों का वोट बैंक या तो मजबूत हुआ या फिर खिसका। सीवान विधानसभा: भाजपा का बढ़ता ग्राफ, राजद का सीमित लाभ 2020 में जहां एनडीए के भाजपा को 74,812 वोट मिले थे, वहीं 2025 में यह बढ़कर 92,379 हो गया।

लगभग 17,500 वोटों की बढ़त एनडीए के मजबूत कैडर और शहरी मतदाता की गोलबंदी का संकेत देती है। महागठबंधन के राजद को 2020 में 76,785 मत और 2025 में 83,009 मत मिले- यानी 6000 से कुछ अधिक की बढ़त। सीवान में एनडीए का उभार अधिक तेज़ रहा, जिसका सीधा असर सीट की जीत-हार पर भी दिखा। यहां भाजपा के मंगल पांडे ने जीत हासिल की। जीरादेई विधानसभा: एनडीए को भारी फायदा, महागठबंधन को नुकसान 2020 में महागठबंधन से राजद को यहां 69,442 वोट मिले थे, जो 2025 में घटकर 63,601 रह गए-लगभग 6,000 वोटों की गिरावट। इसके उलट एनडीए से जदयू 2020 के 43,932 से छलांग लगाकर 2025 में 66,282 वोट तक पहुंचा। लोजपा को 2020 में चुनाव में 7,155 वोट मिले थे , जिनमें से एक बड़ा हिस्सा पहले एनडीए का वोट बैंक माना जाता था, जिसने एनडीए को नुकसान पहुंचाया था। लेकिन इस बार एक गठबंधन में होने से इस सीट पर जीत जदयू की झोली में आई और भीष्म प्रताप सिंह ने जीत दर्ज की। दरौली विधानसभा: महागठबंधन की गिरावट, एनडीए आगे निकला 2020 में महागठबंधन से माले को 81,067 वोट मिले थे, जो 2025 में घटकर 73,442 हो गए-करीब 7,600 की गिरावट। एनडीए 2020 के 68,948 से बढ़कर 2025 में 83,014 पर पहुंच गया। दरौली में इस बार यादव-मुस्लिम समीकरण पूरी तरह महागठबंधन के पक्ष में गोलबंद नहीं हुआ। एनडीए को सवर्ण-पिछड़ा एकजुटता का बड़ा फायदा मिला। यहां से पहली बार लड़ रही लोजपा रा के विष्णुदेव पासवान विजयी हुए। रघुनाथपुर विधानसभा: महागठबंधन की भारी बढ़त, एनडीए पिछड़ा रघुनाथपुर इस बार महागठबंधन के राजद की सबसे मजबूत सीटों में रही। 2020 में महागठबंधन के राजद को 67,757 वोट मिले थे, जो 2025 में बढ़कर 88,278 हो गए, 20,000 से अधिक की वृद्धि हुई। एनडीए का जदयू 2020 के 26,162 से बढ़कर 79,030 पर पहुंचा, यानी लगभग 52,000 वोटों की वृद्धि, लेकिन महागठबंधन की तेज़ बढ़त के कारण जीत नहीं पाया। लोजपा ने 2020 में यहां भी जदयू को नुकसान पहुंचाया था, और लोजपा के मनोज सिंह को 49,792 आएं थे वोटों ने पूरे समीकरण को त्रिकोणीय बना दिया। अगर ये वोट एनडीए या महागठबंधन में किसी तरफ कंसोलिडेट होते, तो परिणाम अलग हो सकता था। दरौंदा विधानसभा: एनडीए ने बनाई बढ़त, महागठबंधन पीछे 2020 में एनडीए से भाजपा को यहां 71,934 वोट मिले थे, जो 2025 में बढ़कर 87,047 हो गए यानी 15,000 से अधिक की बढ़त। महागठबंधन 2020 के 60,614 से बढ़कर 2025 में 68,680 पर पहुंच पाया, लगभग 8,000 की बढ़त। लेकिन फिर भी दरौंदा में एनडीए की संगठनात्मक मजबूती और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला वोटरों की भागीदारी ने उसके पक्ष में माहौल बनाया और भाजपा के कर्ण जीत सिंह उर्फ व्यास सिंह ने जीत हासिल की। बड़हरिया विधानसभा: एनडीए का लगातार उभार 2020 में एनडीए के जेडीयू को 68,234 वोट मिले थे जबकि महागठबंधन को 71,793। लेकिन 2025 में समीकरण पलट गया। एनडीए के जदयू को 93,600 वोट मिले वहीं महागठबंधन को 81,464 मत आए। एनडीए को 25,000 से अधिक का बड़ा लाभ, जबकि महागठबंधन को भी लगभग 10,000 वोटों की बढ़त मिली। लोजपा को 2020 में 5,065 वोट मिले थें जिसने जदयू को नुकसान पहुंचा था पर इस बार एक गठबंधन होने के कारण जदयू को यहां सीधा लाभ मिला और जदयू यह सीट जीतने में कामयाब रहा। गोरेयाकोठी विधानसभा: दोनों गठबंधनों की बढ़त, पर बढ़त में एनडीए भारी गोरेयाकोठी में 2020 में एनडीए के भाजपा को 87,368 वोट मिले थे, जो 2025 में बढ़कर 105,909 हो गए।महागठबंधन को 2020 में 75,477 वोट मिले थे और 2025 में यह बढ़कर 93,524 पर पहुंचा। दोनों को ही मजबूती मिली, लेकिन एनडीए के भाजपा प्रत्याशी देवेश कांत सिंह की बढ़त अधिक तेज़ रही। महाराजगंज विधानसभा: एनडीए ने महागठबंधन पर भारी दबदबा बनाए रखा यह सीट पहले से ही एनडीए की मजबूत मानी जाती रही है। 2020 में एनडीए को 46,849 वोट मिले थे जबकि 2025 में यह बढ़कर 86,813 हो गया- करीब 40,000 की बड़ी छलांग। महागठबंधन को 2020 में कांग्रेस के रूप में 48,825 वोट मिले थे। 2025 में यहां राजद लड़ी और 65,714 वोट मिले। लोजपा के 2020 के 18,278 वोटों ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया था, लोजपा से डॉ देवरंजन लड़े थे। यहां पर सदैव को सीधा नुकसान पहुंचा था और यह सीट जदयू हार गई थी लेकिन 2025 के चुनाव में लोजपा एनडीए गठबंधन का हिस्सा थी इसलिए जदयू ने इस सीट पर दमदार वापसी की।

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