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गेहुंअन रंग का अजूबा शिवलिंग बना है भक्तों की आस्था का केन्द्र

सीतामढ़ी। शहर से करीब 30 किलोमीटर उत्तर नेपाल सीमा से सटे बैरगनिया बाजार स्थित...

गेहुंअन रंग का अजूबा शिवलिंग बना है भक्तों की आस्था का केन्द्र
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,सीतामढ़ीMon, 01 Aug 2022 12:01 AM
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सीतामढ़ी। शहर से करीब 30 किलोमीटर उत्तर नेपाल सीमा से सटे बैरगनिया बाजार स्थित शिवहर राज शिवालय मंदिर शिव भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। मंदिर की विशेष मान्यता है कि शिवहर राज शिवालय मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर जो भक्त जलाभिषेक करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। बताया जाता है कि यहां पुत्र-पुत्री रत्न, बीमारी से मुक्ति सहित सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती है। यहां सावन की पहली सोमवारी से लेकर कार्तिक मास की अंतिम सोलह सोमवारी तक महिलाओं की भीड़ लगी रहती है। सावन माह की हर सोमवारी को भक्त बागमती नदी से जल लेकर शिवालय पर जलाभिषेक करते हैं। वही सावन माह की अंतिम सोमवारी को प्रसाद वितरण व भंडारा का आयोजन किया जाता है। मंदिर का विकास स्थानीय व्यवसायियों एवं समाजसेवियों के सहयोग से होता है।

तीन सौ वर्ष पुराना हैं मंदिर का इतिहास: पूर्व में यह इलाका शिवहर राज के अधीन था। करीब 300 वर्ष पूर्व जब बैरगनिया में शिवहर राजा शिवराज सिंह का आगमन हुआ तो उन्होंने यहां कोई शिवालय नहीं देखा। जिसके बाद उन्होंने शिवहर राज शिवालय मंदिर की स्थापना की। जिसमें सबसे पहला पुजारी राजकुमार गिरी हुए। फिर उनके पुत्र राम गुलाम गिरी, महावीर गिरी, दरोगा गिरी और वर्तमान में बैधनाथ गिरी पुजारी के रूप में कार्यरत हैं।

आसपास के अलावा नेपाल से भी आते हैं श्रद्धालु

मंदिर गर्भगृह में स्थापित गेहुंअन रंग का अजूबा शिवलिग स्थापित है। इसकी पूजा अर्चना के लिए अक्सर मंदिर में श्रभक्तों का तांता लगा रहा है। खासकर महिलाओं की भीड़ काफी देखने को मिलती है। यहां भगवान शिव के अजूबे शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए सीतामढ़ी के आसपास के अलावा पड़ोसी देश नेपाल के कई इलाकों से भक्तों की भीड़ उमड़ती है।

शिवहर राज शिवालय मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां बैरगनिया एवं आसपास के लोगों के अलावा सीमा पार नेपाल के गौर एवं अन्य ग्रामीण इलाके से भक्त सोमवारी में जलाभिषेक करने आते हैं। - बैद्यनाथ गिरी, पुजारी।

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