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विवाह पंचमी पर पुनौरा धाम पहुंचे धार्मिक न्यास बोर्ड अध्यक्ष रणवीर नंदन, कहा- मां सीता  स्वयं अपने मंदिर का करवा

विवाह पंचमी पर पुनौरा धाम पहुंचे धार्मिक न्यास बोर्ड अध्यक्ष रणवीर नंदन, कहा- मां सीता स्वयं अपने मंदिर का करवा

संक्षेप:

विवाह पंचमी के अवसर पर पुनौरा धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन ने कहा कि मां सीता का मंदिर पुनौरा में बन रहा है, जो मिथिला की अस्मिता के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इसे विश्वस्तरीय धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की उम्मीद जताई।

Nov 27, 2025 12:08 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीतामढ़ी
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सीतामढ़ी। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर पुनौरा धाम श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा। इसी बीच बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन ने धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और पत्रकारों से बातचीत में कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि पुनौरा धाम की आध्यात्मिक महिमा निराली है। मां सीता ने पहले अयोध्या में प्रभु श्रीराम का विशाल मंदिर निर्माण कराया और अब पुनौरा में स्वयं अपने मंदिर का निर्माण करा रही हैं। यह मिथिला की अस्मिता और अध्यात्म दोनों के लिए अत्यंत गौरव की बात है। रणवीर नंदन ने शिलान्यास कार्यक्रम की याद ताजा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें तीन-चार दिन पहले सीतामढ़ी पहुंचने का निर्देश दिया था।

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मैंने इसकी सूचना डीएम रिची पांडेय को दी। आश्चर्य की बात है कि इतने कम समय में जिला प्रशासन ने जितनी भव्य और सुदृढ़ तैयारी की, वह काबिले-तारीफ है। शिलान्यास के दौरान पुनौरा धाम में ऐतिहासिक भीड़ उमड़ी थी, लेकिन प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं बेहतरीन ढंग से संभालीं। इसके लिए मैं डीएम पांडेय और उनकी टीम को विशेष बधाई देता हूं। विवाह पंचमी पर विराट भीड़ प्रमाण है कि जल्द बनेगा विश्वस्तरीय धार्मिक केन्द्र: उन्होंने कहा कि विवाह पंचमी पर दिख रही विराट भीड़ इस बात का प्रमाण है कि यह स्थान जल्द ही विश्वस्तरीय धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित होगा। मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद पुनौरा धाम का स्वरूप अयोध्या जैसा भव्य होगा। सीतामढ़ी देश-विदेश के आध्यात्मिक मानचित्र पर और अधिक चमकेगा। यह क्षेत्र पर्यटक और अध्यात्म, दोनों का प्रमुख केंद्र बनेगा। बिहार सदियों से धार्मिक परंपरा के साथ ज्ञान का रहा केन्द्र: रणवीर नंदन ने बिहार के आध्यात्मिक इतिहास का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा बिहार सदियों से धार्मिक परंपरा और ज्ञान का केंद्र रहा है। भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, अनेक महर्षि और साधकों ने इसी धरती पर तप और ज्ञान प्राप्त किया। गया के ब्रह्मयोनि पहाड़ से लेकर मिथिला की पवित्र भूमि तक, हर स्थान की अपनी आस्था और ऊर्जा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को उसकी मूल पहचान ज्ञान, अध्यात्म और संस्कृति के अनुरूप पुनः स्थापित करने का उल्लेखनीय प्रयास किया है। सनातन धर्म है जीवन का विज्ञान: सनातन धर्म को जीवन का विज्ञान बताते हुए उन्होंने युवाओं से विशेष आग्रह किया कि नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे न सिर्फ जीवन में तरक्की मिलेगी, बल्कि देश और समाज भी संस्कारित होगा। जब संस्कार प्रबल होंगे, तभी भारत माता को विश्वगुरु की प्रतिष्ठा पुनः प्राप्त होगी। विवाह पंचमी पर दिए गए उनके इस आध्यात्मिक और प्रेरणादायी संदेश ने श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा भर दी।