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29 नवंबर, 2020|9:59|IST

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बरसात में बाधित हो जाता है आवागमन

बरसात में बाधित हो जाता है आवागमन

विकास के दौरान शहर से गांव तक गली-गली में पीसीसी सड़क का निर्माण किया गया हैं। ध्वस्त व क्षतिग्रस्त पुल-पुलिया का निर्माण किया गया। लेकिन, आजादी के दशकों बाद डुमरा प्रखंड के रूपौली से हरिछपरा के बीच सड़क की पक्कीकरण तो दूर की बात ईंट का खरंजा भी नहीं लग पाया है। बारिश का मौसम शुरू होते ही जलजमाव व कीचड़ के कारण इस सड़क से लोगों का आवागमन बाधित हो जाता है। खासकर रूपौली गांव के लोगों को जिला मुख्यालय आने-जाने में लगभग पांच किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। हरिछपरा गांव के किसानों को साग-सब्जी लेकर आने-जाने में काफी परेशानी होती है। शुक्रवार को सड़क से गुजर रही महिला माला देवी ने बताया कि इसी साल बरसात के दौरान जलजमाव के कारण सड़क टूट गई। इसके बाद आवागमन बाधित हो गया। सड़क निर्माण के नाम पर सांसद-विधायक व मुखिया ने वोट मांगकर जीत गए। लेकिन कभी सड़क निर्माण के लिए आगे नहीं आये। ठेला लेकर सरेह में जा रहे बच्चन मुखिया ने बताया कि सड़क की पक्कीकरण नहीं किए जाने से रूपौली, मेथौरा सहित कई गांवों के लोगों को आवागमन में काफी परेशानी होती है। कीचड़ में गिरकर अक्सर लोग जख्मी होते रहते है। इसके बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधि का ध्यान इस ओर आकृष्ट नहीं हो रहा है। सांसद-विधायक सभी वायदे करके गए। लेकिन, जीतने के बाद हमारी समस्या जानने के लिए तक नहीं कोई आये। वहीं राम आशीष सिंह ने बताया कि कई बार सड़क की पक्कीकरण के लिए लोगों ने मांग की। लेकिन अबतक सड़क पर ईंट का खरंजा तक नहीं लगा है। फिर थोड़ा रोष में आ गए और बोले ‘सुन रहे है कि सड़क अब बनेगी तब बनेगी, लेकिन भगवान जाने कब बनेगी। संजय कुमार ने बताया कि सड़क पर जलजमाव व कीचड़ के कारण दिव्यांग की गाड़ी नहीं जा पाती है। उन्हें कई किमी दूर फेर लगाकर जाना पड़ता है। सड़क बन जाने से जिला मुख्यालय जाने में कम दूरी तय करना पड़ेगा।

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  • Web Title:Traffic gets interrupted in the rain